मध्य प्रदेश में भाजपा नेता कमल शुक्ला की यात्री बस ने इंदौर के पोलोग्राउंड रोड पर एक बाइकसवार को टक्कर मार दी

बाइक पर सवार दंपति ने इसका विरोध किया तो पुलिस वालों ने दोनों को बीच सड़क पर पीट दिया. दरअसल बीते साेमवार की रात शुक्ला ब्रदर्स की यात्री बस ने एक बाइक को टक्कर मार दी. बाइक पर सवार पति-पत्नी नीचे गिर पड़े. उन्हाेंने वहीं चेकिंग कर रहे सदर बाजार थाने के जवानों से बस राेकने के लिए मदद मांगी लेकिन बस पर भाजपा नेता का नाम लिखा देख पुलिस वालों ने बस नहीं राेकी. इसके बाद जब दंपति ने इसका विरोध किया ताे पुलिसवालों ने दाेनाें काे सड़क पर ही पीट दिया. सुदीप बंसल ने बताया कि वह सोया कंपनी में इंजीनियर हैं और उनकी पत्नी शोभा अकाउंटेंट हैं. राहगीरों ने लिया मोर्चा तो भाग खड़े हुए जवान वहां से गुजर रहे राहगीरों ने दंपति को ​पिटते हुए देखा तो उन्होंने यहां पुलिस वालों के खिलाफ मोर्चा ले लिया. इसके बाद पुलिस के जवान चेकिंग छाेड़ भाग निकले. वहां से गुजर रहे राहगीरों ने दंपति को ​पिटते हुए देखा तो उन्होंने यहां पुलिस वालों के खिलाफ मोर्चा ले लिया. इसके बाद पुलिस के जवान चेकिंग छाेड़ भाग निकले. आधे घंटे बाद सदर बाजार टीआई अजय वर्मा माैके पर पहुंचे. इस घटना की जानकारी मिलने पर एसपी ने एएसआई यादव और हेड कांस्टेबल भदौरिया को सस्पेंड कर दिया है. सीएसपी शेष नारायाण तिवारी ने कहा कि घटना के बाद से महिला कांस्टेबल और अन्य जवान फरार हैं. इस बारे में जांच होगी और दोषियों के ​खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.पुलिस वालों ने नहीं रोकी बस पीड़ित सुदीप बंसल ने बताया कि हम दोनों बाइक पर घर लौट रहे थे. हम जैसे ही पोलोग्राउंड के पास पहुंचे तभी भाजपा नेता गोलू शुक्ला की बस ने हमारी बाइक काे टक्कर मार दी. हम दोनों ही गिर पड़े. हम जैसे-तैसे संभले और बस के पीछे लग गए ताकि उसकी पुलिस से शिकायत कर सके. घटनास्थल से थोड़ी दूर पर ही पुलिस का चेकिंग पाइंट लगा था. हमने वहां मौजूद एएसआई सुरेश यादव से कहा कि इस बस को रोको, इसने हमें टक्कर मारी है. पुलिस वालों ने बस रोकने की बजाय हम पति-पत्नी को ही पीटना शुरू कर दिया. शोर-शराबे की वजह से लोग इकट्ठा हाे गए संदीप ने बताया कि पत्नी बीच-बचाव करने लगी ताे वहां मौजूद महिला कांस्टेबल व अन्य चार जवानों ने उसे भी पीट दिया. शोर-शराबे की वजह से लोग इकट्ठा हाे गए और वे पुलिसकर्मियों का विरोध करने लगे. मेरी पत्नी सड़क पर बैठ गई. लाेगाें ने भी चक्काजाम कर दिया. लोगों का आक्रोश में देख पुलिस वाले भाग गए. :  बच्चों से ज्यादती के मामले में UP और MP अव्वल, SC ने 10 दिन में मांगी रिपोर्ट सतना में 25 सालों से बरगद के नीचे चल रहा है यह सरकारी स्कूल।

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