कमलनाथ सरकार में बन रही एयरकंडीशन गौशालाएं, खर्च होंगे 7000 करोड़

संक्षेप:

  • कमलनाथ सरकार ने राज्य में अत्याधुनिक गौशालाएं बनाने के लिए कॉरपोरेट मॉडल को लागू करना लगभग तय कर लिया है.
  • प्रदेश में छह लाख गायों के लिए वातानुकूलित गौशालाएं तैयार की जाएगी.
  • कंपनी इस पर करीब सात हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी.

भोपाल: चुनावी वादे के मुताबिक प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने राज्य में अत्याधुनिक गौशालाएं बनाने के लिए कॉरपोरेट मॉडल को लागू करना लगभग तय कर लिया है. यह काम दिल्ली की एक निजी कंपनी को देने की तैयारी है. यह कंपनी इस पर करीब सात हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी. कंपनी द्वारा प्रदेश में छह लाख गायों के लिए वातानुकूलित गौशालाएं तैयार की जाएगी. यह गौशाला का हाइब्रिड एनर्जी मॉडल है. कंपनी को इसके लिए सरकार जमीन उपलब्ध कराएगी. इन गौशालाओं में कंपनी द्वारा सीएनजी और बायोगैस तैयार कर बेचने का काम किया जाएगा. इसके लिए करार किया जाएगा. इसके अलावा प्रदेश में सरकार मंदिर और कन्वर्जेंस मॉडल पर भी काम कर रही है.

ये है कॉरपोरेट मॉडल

दिल्ली की सिबक्स कंपनी पांच साल में 300 गौशालाएं बनाएगी. एक गौशाला में दो हजार गायों के रहने का इंतजाम रहेगा. इन गौशालाओं में एयर कंडीशन लगाए जाएंगे. यहां से गौर उत्पादों के अलावा सीएनजी, बायोगैस और सोलर पावर का उत्पादन किया जाएगा. कंपनी ने एक एक गौशाला के लिए 50-50 एकड़ जमीन मांगी है.

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ये है गौशाला का कन्वर्जेंस मॉडल

कन्वर्जेंस मॉडल के तहत छोटी गौशालाएं तैयार की जाएंगी. एक गौशाला में 100 गायें रहेंगी. ऐसी एक हजार गौशालाएं बनाई जाएंगी. इस मॉडल में भी सरकार का फंड नहीं लगेगा. इनका निर्माण मनरेगा और सीएसआर फंड से किया जाएगा. आत्मा परियोजना के तहत गौशाला मैनेजरों को ट्रेनिंग दी जाएगी. गौशालाओं का रखरखाव ग्रामीण विकास और पशुपालन विभाग मिलकर करेगा.

ये है गौशाला का मंदिर मॉडल

गौशालाओं का निर्माण पशुपालन और अध्यात्म विभाग मिलकर ऐसे मंदिरों की सूची बनाई है. जिनके पास 30 एकड़ से ज्यादा जमीन है जो आर्थिक रूप से संपन्न है. राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत पांच गौशालाओं के लिए केंद्र भी राशि मुहैया करा रहा है. एक गौशाला के लिए 15 करोड़ फंड दिया जा रहा है. 1000 में 955 गौशालाओं के लिए जमीन आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है.

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