BJP के 'बैटमार' विधायक आकाश विजयवर्गीय को मिली जमानत, इंदौर निगम अधिकारी को पीटने का है आरोप

संक्षेप:

  • कैलाश विजयवर्गीय के बेटे और बीजेपी के विधायक आकाश विजयवर्गीय की जमानत याचिका को भोपाल की स्पेशल कोर्ट ने मंजूरी दे दी है.
  • सूत्रों के मुताबिक आकाश की केस डायरी में दो और धाराएं बढ़ाए जाने की जानकारी मिली है.
  • गौरतलब है कि नगर निगम अधिकारी को बल्ले से पीटने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. 

इंदौर: निगम अधिकारी से मारपीट मामले में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के महासचिव और दिग्गज नेता कैलाश विजयवर्गीय के बेटे और बीजेपी के विधायक आकाश विजयवर्गीय की जमानत याचिका को भोपाल की स्पेशल कोर्ट ने मंजूरी दे दी है. जमानत के मामले में सुनवाई पूरी हो गई है, दोनों ही पक्ष के वकीलों ने अपनी दलीलें स्पेशल कोर्ट का सामने रखीं. विशेष न्यायाधीश सुरेश सिंह ने फैसला सुरक्षित रखा लिया है, शाम 4 बजे आकाश विजयवर्गीय की जमानत पर फैसला सुनाए जाने की खबर थी. 

सूत्रों के मुताबिक आकाश की केस डायरी में दो और धाराएं बढ़ाए जाने की जानकारी मिली है. सरकारी वकील राजेंद्र उपाध्याय के मुताबिक आकाश के खिलाफ आईपीसी की धारा 332 और धारा 427 बढ़ाई गई है. धारा 332 में शासकीय कर्मचारी को पीटने और धारा 427 में शासकीय सामान को तोड़ने की धारा लगाई गई है. बता दें कि इससे पहले भारतीय जनता पार्टी के विधायक आकाश विजयवर्गीय की जमानत याचिका को इंदौर कोर्ट ने खारिज कर दिया था. इसके साथ ही इंदौर कोर्ट ने कहा था कि यह मामला विधायक से जुड़ा है, लिहाजा इसकी सुनवाई करना उनके क्षेत्राधिकार में नहीं है. इस मामले की सुनवाई विधायक व सांसदों के लिए बनाई गई स्पेशल कोर्ट में की जाए. इसके बाद विधायक आकाश विजयवर्गीय के वकील ने भोपाल की स्पेशल कोर्ट में जमानत याचिका दायर की.

गौरतलब है कि नगर निगम अधिकारी को बल्ले से पीटने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, और गुंडागर्दी के आरोप में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा था. यह मामला विधायक से जुड़ा है, इसलिए इस मामले की सुनवाई भोपाल स्थित स्पेशल कोर्ट में हो रही है.

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