मध्य प्रदेश की राजधानी स्थित छोटा तालाब के खटालपुरा घाट में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए नाव हादसे (Bhopal Boat Accident) के बाद राज्य के कई जिलों में प्रशासन अलर्ट हो गया है

भोपाल. इंदौर और जबलपुर में तो प्रशासन ने नदियों में प्रतिमा विसर्जन के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं. प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश की वजह से नर्मदा समेत कई नदियां उफान पर हैं. ऐसे में इंदौर और खरगोन जिला प्रशासन ने नर्मदा नदी में प्रतिमा विसर्जन (Ganesh idol immersion) पर रोक लगा दी है. वहीं, जबलपुर में नाव से नदी में भक्तों के जाने पर प्रशासन ने प्रतिबंध लगा दिया है. नाविक करेंगे विसर्जन भोपाल नाव हादसे (Bhopal Boat Accident) के बाद जबलपुर जिला प्रशासन ने गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के नियम सख्त कर दिए हैं. जबलपुर पुलिस अधीक्षक ने इस संबंध में अलर्ट जारी कर दिया है. पुलिस-प्रशासन द्वारा जारी अलर्ट में कहा गया है कि प्रतिमा विसर्जन (Ganesh idol immersion) के दौरान नाव में भक्तों के जाने पर पूर्ण प्रतिबंध होगा. गणेश प्रतिमा विसर्जित करने आए भक्त नाव से नदी में नहीं जा सकेंगे. नाव में केवल नाविक ही रहेंगे. प्रशासन ने भोपाल हादसे के बाद नदियों या विसर्जन कुंडों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है. इस बाबत जारी निर्देश में कहा गया है कि विसर्जन स्थलों के किनारे पर भक्त पूजन कर नाविकों को प्रतिमाएं सौंप देंगे. इसके बाद नाविक ही विसर्जन करेंगे. पंडाल में विसर्जनइंदौर और आसपास के जिलों में भी भोपाल में हुई नाव दुर्घटना (Bhopal Boat Accident) के बाद प्रशासनिक सख्ती के आदेश जारी किए गए हैं. भारी बारिश के कारण नर्मदा नदी के उफान पर होने की वजह से प्रशासन ने नदी में प्रतिमाओं के विसर्जन पर पूरी तरह से रोक लगा दी है. गणेश पूजा का आयोजन करने वाली विभिन्न संस्थाएं और स्थानीय नागरिक भी प्रशासनिक निर्देश के बाद बड़ी गणेश प्रतिमाओं का पंडाल में ही विसर्जन कर रहे हैं. खरगोन और इंदौर जिला प्रशासन ने नर्मदा नदी में मूर्ति विसर्जन (Ganesh idol immersion) पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है. (रिपोर्ट - पवन पटेल और अरुण त्रिवेदी) - भोपाल नाव हादसा : CM कमलनाथ ने जताया शोक, घटना की मजिस्ट्रियल जांच का आदेश गणेश विसर्जन के दौरान भाजयुमो नेता ने एसआई को पीटा, छीनी सरकारी पिस्टल...।

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