सीएम हाउस की हो रही है नए ढंग से साज-सज्जा, जून के तीसरे हफ्ते में गृह प्रवेश करेंगे कमलनाथ

संक्षेप:

  • श्यामला हिल्स स्थित सीएम आवास में मुख्यमंत्री कमलनाथ जून के तीसरे सप्ताह तक प्रवेश करेंगे.
  • दिल्ली के आर्किटेक्ट की देखरेख में 110 साल पुराने हेरीटेज भवन की मरम्मत और साज-सज्जा का काम तेजी से चल रहा है.
  • पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने 13 साल रहने के बाद जब सीएम आवास को खाली किया तब लोक निर्माण विभाग ने उसे कमजोर और खतरनाक बता दिया था.

भोपाल: श्यामला हिल्स स्थित सीएम आवास में मुख्यमंत्री कमलनाथ जून के तीसरे सप्ताह तक प्रवेश करेंगे. दिल्ली के आर्किटेक्ट की देखरेख में 110 साल पुराने हेरीटेज भवन की मरम्मत और साज-सज्जा का काम तेजी से चल रहा है. बता दें कि पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने 13 साल रहने के बाद जब सीएम आवास को खाली किया तब लोक निर्माण विभाग ने उसे कमजोर और खतरनाक बता दिया था. सीएम आवास के मरम्मत का काम जून के दूसरे सप्ताह तक दिल्ली के आर्किटेक्ट द्वारा कर लिया जाएगा. सीएम कमलनाथ फिलहाल सांसद निधि से आवंटित आवास में रह रहे हैं. विभागीय सूत्रों की माने तो भवन की मरम्मत का काम पूरा हो चुका है. सीएम आवास में अब फिनिशिंग का काम पूरा होने को है. फिनिशिंग का पूरा होते ही लोक निर्माण विभाग की ओर से भवन की चाबी मुख्यमंत्री कमलनाथ को सौंप दी जाएगी. उसके बाद सीएम इसमें गृह प्रवेश का कार्यक्रम बनाएंगे.

बता दें कि सीएम हाउस में कमलनाथ की जरूरतों के हिसाब से बदलाव और साज-सज्जा की जा रही है. भवन की पहली मंजिल में दस कमरे हैं. जिसमें पूजा घर, स्टोर, डाइनिंग और ड्राइंग के साथ पुस्तकालय भी है. यहां मेहमानों के ठहरने के लिए दो कमरे हैं. गौरतलब है कि मरम्मत के दौरान इंजीनियरों को मुख्य शयन कक्ष की फाल्स सीलिंग कमजोर दिखी. फाल्स सीलिंग हटाकर जब देखा गया तो लकड़ी की बल्लियों में दीमक लग गई थी और उन पर लगी फर्शियां भी कमजोर हो गईं थीं. इसके बाद इंजीनियरों ने सीलिंग के साथ पुरानी खिड़कियां, कमरों की टाइल्स और एयर कंडीशन के पाइप, लेट-बाथ आदि को भी नया रूप दिया.

बता दें कि पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान यहां करीब 13 साल तक रहे. उन्होंने 21 दिसंबर को इसे खाली किया था. उसके बाद ही निरीक्षण के दौरान भवन के कमजोर होने की बात समाने आई थी. विभागीय सूत्रों की माने तो मरम्मत के बाद अगले 25 साल तक भवन की मजबूती को लेकर चिंता की बात नहीं है.

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