भोपाल: 8 साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के दोषी को फांसी की सजा, 32 दिन में आया फैसला

संक्षेप:

  • भोपाल में आठ साल की बच्ची से रेप और हत्या के दोषी विष्णु बामोरे को भोपाल अदालत ने फांसी की सज़ा सुनाई है.
  • वारदात के 32 दिन में अदालत का फैसला आ गया है.
  • कमला नगर क्षेत्र में 8 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी.

भोपाल: भोपाल में आठ साल की बच्ची से रेप और हत्या के दोषी विष्णु बामोरे को भोपाल अदालत ने फांसी की सज़ा सुनाई है. कोर्ट ने रिकॉर्ड समय में सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाया है. इस केस में पुलिस ने 108 पेज का चालान पेश किया था और 40 लोगों को गवाह बनाया था. कोर्ट ने विष्णु बामोरे को बच्ची के साथ ज्यादती, अप्राकृतिक कृत्य और उसके बाद हत्या की धाराओं में दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई. बता दें कि विष्णु को जब कोर्ट में पेश किया गया था तो वह रोने लगा था. उसने अदालत में कहा था कि उसे फांसी दे दी जाए.

भोपाल में विशेष न्यायाधीश कुमुदनी पटेल की अदालत में मामले की सुनवाई हुई. दोनों पक्षों की बहस सोमवार से शुरू हुई थी, जो मंगलवार को पूरी हो गई. बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच विष्णु को अदालत में पेश किया गया था. कोर्ट ने विष्णु बामोरे को बच्ची के साथ ज्यादती, अप्राकृतिक कृत्य और उसके बाद हत्या की धाराओं में दोषी माना था.

32 दिनों में सुनवाई पूरी

ये भी पढ़े : कलयुगी बाबाओं से शर्मसार तपोभूमि भारत


वारदात के 32 दिन में अदालत का फैसला आ गया है. इस केस में पुलिस ने 40 लोगों को गवाह बनाया था. भोपाल के कमला नगर थाना क्षेत्र में 8 को ये वारदात की गयी थी. बच्ची सामान लेने किराने की दुकान पर गई थी. विष्णु बामोरे ने वहां से बच्ची को अगवा कर उससे रेप और फिर हत्या कर दी थी. अगले दिन 9 जून को बच्ची की लाश बस्ती के नाले में मिली थी. इस अमानवीय घटना के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया था. कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह बच्ची की अंतिम यात्रा में शामिल हुए थे. शिवराज सिंह चौहान भी पीड़ित परिवार से मिलने गए थे.

ये है पूरा घटनाक्रम

कमला नगर क्षेत्र में 8 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी. 8 जून को यह वारदात हुई थी. पुलिस ने विष्णु को खंडवा से गिरफ़्तार किया था. 17 जून को उसके खिलाफ कोर्ट में 108 पेज का चालान पेश किया गया. 19 जून को आरोप तय हुए थे. पुलिस ने कुल 40 लोगों को गवाह बनाया था. कोर्ट ने रिकॉर्ड समय में मामले की सुनवाई पूरी कर अपना फैसला सुना दिया.

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

Related Articles