छात्राओं के साथ छेड़खानी या मनचलों की फिजूल हरकतों से जुड़ी खबरें आए दिन हमारी आंखों के सामने से गुजरती हैं

इंदौर. कई लोग इन्हें सामान्य खबर मानकर अनदेखा भी कर देते हैं, लेकिन इंदौर के बसंत शर्मा के लिए यह एक गंभीर अपराध है. इसलिए उन्होंने एक ऐसी मुहिम शुरू की, जिससे छात्राएं खुद आत्मनिर्भर होकर मनचलों को सबक सिखा सकें. बसंत शर्मा (Basant Sharma) स्कूली छात्राओं को सेल्फ-डिफेंस की ट्रेनिंग देते हैं, ताकि बगैर किसी की मदद के भी लड़कियां इन मनचलों से निपट सके. अपनी मुहिम के तहत बसंत इंदौर और आसपास के इलाकों के स्कूलों में जाकर लड़कियों को सेल्फ-डिफेंस (Self defence) की ट्रेनिंग देते हैं. छात्राओं-महिलाओं को प्रशिक्षण एकलव्य अवॉर्ड से सम्मानित ट्रेनर बसंत शर्मा के अनुसार वे अब तक लगभग एक लाख से अधिक छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने की कला सिखा चुके हैं. न्यूज 18 से बातचीत करते हुए बसंत ने कहा कि आज से हालात में लड़कियों को आत्मरक्षा के लिए खुद तैयार होना चाहिए. अगर लड़कियां सेल्फ-डिफेंस की तकनीक जानेंगी तो विपरीत परिस्थिति में भी वह खुद का और अपनों का बचाव कर सकती हैं. बसंत शर्मा ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों, सड़कों या सुनसान इलाकों में मनचलों की हरकतों से लड़कियों-महिलाओं को बड़ी परेशानी होती है. ऐसी कई घटनाओं के बारे में जानने के बाद बसंत ने स्कूली छात्राओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रशिक्षण देने का संकल्प लिया. इंदौर में लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम की लोग कर रहे सराहना.पुलिस भी कर रही मदद बसंत शर्मा के इस काम की लोग सराहना कर रहे हैं. उनकी इस मुहिम में अब इंदौर पुलिस भी उनका साथ दे रही है. बसंत शर्मा अपनी मुहिम के तहत न सिर्फ लड़कियों और महिलाओं को विपरीत परिस्थिति से निपटने की ट्रेनिंग देते हैं, बल्कि उन्हें यह भी बताते हैं कि सुनसान रास्तों या भीड़ वाले इलाके में कैसे जाना है. वे इंदौर और आसपास के इलाकों के स्कूलों में जाकर छात्राओं को सेल्फ-डिफेंस की ट्रेनिंग देते हैं. इंदौर पुलिस से जुड़े अधिकारी भी बसंत के साथ मिलकर छात्राओं को इन मामलों से जुड़े कानून की जानकारी देते हैं.।

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