MP: बीजेपी की विधानसभा की विशेष सत्र बुलाने की मांग पर राज्यपाल का तीखा जवाब

संक्षेप:

  • BJP ने की थी विधानसभा की विशेष सत्र बुलाने की मांग
  • राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने नकारा सत्र बुलाने की मांग
  • कहा अभी नहीं है ऐसी कोई ज़रूरत 

2019 के लोक सभा इलेक्शन के रिज़ल्ट का पुरे देश को इंतजार है. 23 मई को रिज़ल्ट आने से पहले आए एग्जिट पोल (EXIT POLL) ने बीजेपी के विपक्षी दल को हिला कर रख दिया है.  ऐसे में मध्‍य प्रदेश  में गोपाल भार्गव ने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को चिट्ठी लिखकर विधानसभा का सत्र बुलाने की मांग की जिस पर बताया जा रहा है कि राज्यपाल ने स्पष्ट कर दिया है कि अभी ऐसी कोई ज़रूरत नहीं है. 

राज्यपाल आनंदी ने कहा  है कि अभी सत्र बुलाने की कोई ज़रूरत नहीं है. राजभवन ने नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव की मांग खारिज कर दी है. इसलिए अब तय समय पर ही विधानसभा का सत्र होगा. जुलाई के पहले हफ्ते में विधानसभा का सत्र होने का अनुमान है. बताया जा रहा है कि राज्यपाल आनंदी बेन पटेल की गोपाल भार्गव से चर्चा हुई है. इसमें राज्‍यपाल ने बीजेपी नेता के समक्ष सत्र न बुलाने की बात स्पष्ट कर दी है.

ये भी पढ़े : 1316 करोड़: ऐसे खड़ा किया मायावती के भाई आनंद कुमार ने नोएडा में अवैध संपत्ति का साम्राज्य


एग्जिट पोल के नतीजों के बाद बीजेपी ने मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार के अल्पमत में होने का आरोप लगाना शुरू कर दिया है. नजीते आते ही नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने राज्यपाल को चिट्ठी लिखकर सत्र बुलाने की मांग की थी. बाद में मीडिया से उन्होंने कहा था, `एग्जिट पोल के अनुसार एक बार फिर नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं. मध्य प्रदेश में कांग्रेस को दो से तीन सीटें मिलने वाली हैं. यह इस बात का संकेत है कि मध्य प्रदेश में वर्तमान सरकार (कमलनाथ सरकार) ने जनता का भरोसा खो दिया है.`

बीजेपी नेता गोपाल भार्गव ने कहा था, `कांग्रेस के कई विधायक कमलनाथ सरकार से परेशान हो चुके हैं और बीजेपी के साथ आना चाहते हैं. सरकार बनाने के लिए बीजेपी खरीद-फरोख्त नहीं करेगी, लेकिन कांग्रेस के ही विधायक अब उनकी सरकार के साथ नहीं हैं. इसलिए उनकी मांग है कि राज्य विधानसभा का सत्र बुलाया जाए.`

नेता प्रतिपक्ष ने कहा था कि सरकार को इस सत्र में अपना बहुमत साबित करना होगा, क्योंकि जनता उन्हें अब पूरी तरह से नकार रही है. ये सरकार अपने ही बोझ से गिर जाएगी.

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

Related Articles