International Tiger Day: MP फिर बना Tiger State, 526 बाघों के साथ बना देश में अव्वल

संक्षेप:

  • मध्यप्रदेश फिर से टाइगर स्टेट बन गया है.
  • मध्य प्रदेश 526 बाघों के साथ देश में नंबर वन हो गया है.
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर में बाघों को लेकर कराई गई गणना से जुड़ी रिपोर्ट को आज जारी किया.

भोपाल: मध्यप्रदेश फिर से टाइगर स्टेट बन गया है. उसने अपना खोया दर्जा हासिल कर लिया है. मध्य प्रदेश 526 बाघों के साथ देश में नंबर वन हो गया है. कर्नाटक 524 टाइगर के साथ दूसरे स्थान पर और उत्तरखंड 442 टाइगर के साथ तीसरे नम्बर पर रहा.

PM मोदी ने बाघों की गणना को लेकर जारी किया रिपोर्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर में बाघों को लेकर कराई गई गणना से जुड़ी रिपोर्ट को आज जारी किया. इस मौके पर पीएम ने कहा कि 9 साल पहले सेंट पीटसबर्ग में तय किया गया था कि 2022 तक बाघों की संख्या दोगुनी की जाएगी लेकिन हमने ये टार्गेट 4 साल में ही पूरा कर दिया है.

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दुनिया में बाघों के लिए सबसे सुरक्षित जगह है भारत

वर्ल्ड टाइगर डे के मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत दुनिया में बाघों के लिए सबसे सुरक्षित जगह है. लिहाजा बाघों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है और आज देश में बाघों की संख्या 3000 तक जा पहुंची हैं. पूरी दुनिया में बाघों की तेजी से घटती संख्या के प्रति संरक्षण के लिए जागरूकता फैलाने को लेकर हर साल 29 जुलाई को ‘वर्ल्ड टाइगर डे’ मनाया जाता है. इसी मौके पर प्रधानमंत्री ने बाघों की जनगणना 2018 की रिपोर्ट जारी की.

3 हजार टाइगर्स के साथ भारत सबसे सुरक्षित हैबिटैट्स में एक

पीएम मोदी के मुताबिक, साल 2014 में भारत में संरक्षित इलाकों की संख्या 692 थी जो 2019 में बढ़कर 860 से ज्यादा हो गई है. इसके अलावा कम्युनिटी रिजर्व की संख्या में भी इज़ाफा हुआ है. साल 2014 में ये संख्या 43 से बढ़कर सौ से ज्यादा हो गई है. उन्होंने कहा, `आज हम गर्व के साथ कह सकते हैं कि  भारत करीब 3 हज़ार टाइगर्स के साथ दुनिया के सबसे बड़े और सबसे सुरक्षित हैबिटैट्स में से एक है.` पीएम मोदी के मुताबिक बाघों को बचाने लिए हमें लगातर इस क्षेत्र में काम करने की जरूरत है. उन्होंने कहा, `मैं इस क्षेत्र से जुड़े लोगों से यही कहूंगा कि जो कहानी ‘एक था टाइगर’ के साथ शुरू होकर `टाइगर जिंदा है` तक पहुंची है, वो वहीं न रुके. केवल टाइगर जिंदा है, से काम नहीं चलेगा. इससे जुड़े जो प्रयास हैं उनका और विस्तार होना चाहिए, उनकी गति और तेज की जानी चाहिए.`

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