कमलनाथ मंत्रिमंडल के विस्तार पर लगा ब्रेक, सिंधिया खेमे के मंत्री नहीं चाहते हैं कुर्सी छोडऩा

संक्षेप:

  • सीएम कमलनाथ को प्रदेश में सरकार चलाने में बीजेपी से नहीं बल्कि अपनी ही पार्टी के लोगों से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
  • कमलनाथ मंत्रिमंडल के विस्तार पर लगा ब्रेक, सिंधिया खेमे के मंत्री नहीं चाहते हैं कुर्सी छोडऩा.
  • सरकार को मजबूत करने के लिए सपा-बसपा के साथ ही कुछ वरिष्ठ कांग्रेस विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाना था.

भोपाल: मध्यप्रदेश के सीएम कमलनाथ को प्रदेश में सरकार चलाने में बीजेपी से नहीं बल्कि अपनी ही पार्टी के लोगों से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सरकार को मजबूत करने के लिए सपा-बसपा के साथ ही कुछ वरिष्ठ कांग्रेस विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाना था और इसके लिए कुछ मंत्रियों से इस्तीफा लिए जाने थे, लेकिन इस्तीफा लेने की भनक लगने के बाद सिंधिया समर्थक मंत्री सक्रिय हो गए और उन्होंने अंदरूनी तौर पर इसका विरोध कर दिया.

सूत्रों के मुताबिक विरोध के स्वर को देखते हुए फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार पर ब्रेक लग गया है. अब ऐसा माना जा रहा है कि विधानसभा सत्र के बाद ही मंत्रिमंडल विस्तार होगा. विधानसभा चुनाव के बाद जब मंत्रिमंडल बना था तो कई कांग्रेस विधायकों के साथ ही निर्दलीय विधायक नाराज हो गए थे. कमलनाथ ने इन नाराज विधायकों को भरोसा दिलाया था कि लोकसभा चुनाव के बाद मंत्रीमंडल विस्तार में कुछ विधायकों को शामिल कर लिया जाएगा. लोकसभा चुनाव तक सब ठीक-ठाक चलता रहा, लेकिन चुनाव होने के बाद नाराज विधायक मंत्री बनने के लिए दबाव बनाने का काम कर रहे हैं. अब मुख्यमंत्री के सामने समस्या यह है कि नाराज विधायकों को मंत्रिमंडल में स्थान देने के लिए कुछ मंत्रियों से इस्तीफा लेना पड़ेगा, क्योंकि नियम के हिसाब से सिर्फ 15 प्रतिशत विधायकों को ही मंत्री बनाया जा सकता है.

सिसोदिया के आवास पर जुटे सिंधिया समर्थक

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सिंधिया एवं दिग्विजय सिंह समर्थक 2-2 मंत्रियों से इस्तीफा लिए जाने की अटकलें जब शुरू हुई तो सिंधिया समर्थक मंत्री सक्रिय हो गए और दिल्ली में सिंधिया के साथ बैठक की। दिल्ली के बाद भोपाल में मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया के आवास पर सिंधिया समर्थक मंत्रियों की बैठक हुई. सूत्रों के मुताबिक सिंधिया समर्थक मंत्रियों ने तय कर लिया है कि अगर किसी एक से इस्तीफा मांगा जाता है तो सभी इस्तीफा दे देंगे.

अब विधानसभा सत्र समापन के बाद ही होगा मंत्रिमंडल का पुनर्गठन

कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ अब नए सिरे से सिंधिया एवं दिग्विजय सिंह से इस मामले में चर्चा कर आगे की रणनीति बनाएंगे. उसके बाद ही यह तय हो सकेगा कि किस मंत्री से इस्तीफा लिया जाए और किसको शामिल किया जाए. ऐसे में माना जा रहा है कि विधानसभा के बजट सत्र तक के लिए फिलहाल मंत्रिमंडल का पुनर्गठन टल गया है. अब विधानसभा सत्र समापन के बाद ही मंत्रिमंडल का पुनर्गठन किया जाएगा.

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