राजस्थान: किसान खुदकुशी मामले में नया मोड़, डिप्टी सीएम पायलट का दावा- कर्ज में नहीं था किसान

संक्षेप:

  • राजस्थान में किसान की खुदकुशी मामले में नया मोड़ आ गया है
  • डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने दावा किया है कि किसान कर्ज में नहीं था
  • सचिन पायलट ने कहा, ``इस तरह की घटना दुखद है, सरकार अपने वादे पर खरा उतरने की पूरी कोशिश कर रही है 

राजस्थान में किसान की खुदकुशी मामले में नया मोड़ आ गया है. डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने दावा किया है कि किसान कर्ज में नहीं था. सचिन पायलट ने कहा, ``इस तरह की घटना दुखद है, सरकार अपने वादे पर खरा उतरने की पूरी कोशिश कर रही है. सहकारी बैंकों के कर्ज माफ हो चुके हैं बाक़ी बैंकों की प्रक्रिया जारी है. मेरी जानकारी के अनुसार ये किसान सोहन लाल कर्ज में डूबा नहीं था फिर भी घटना दुखद हैं. हम पूरे मामले की जाँच करवा रहे हैं.``


बता दें कि श्रीगंगानगर में रायसिंहनगर के गांव ठाकरी में 45 साल के सोहन कड़ेला ने जहर खाकर आत्म हत्या कर ली. उनके पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है जिसमें उन्होंने आत्महत्या का जिम्मेदार सीएम अशोक गहलोत और डिप्टी सीएम सचिन पायलट को बताया है. सोहन कड़ेला ने सुसाइड नोट में लिखा है कि राज्य सरकार ने 10 दिन में ही कर्जमाफी का वादा किया था, उनके वादे का क्या हुआ?


कड़ेला ने ये भी लिखा है कि जबतक गहलोत सरकार सभी किसानों की कर्ज माफ ना कर दे तबतक उनकी लाश को ना उठाया जाए. सोहन कड़ेला को गंभीर अवस्था में इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में लाया गया लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी. पुलिस ने मृतक के शव को सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है. सोहन कड़ेला की आत्महत्या के विरोध में आज किसानों ने डीएम के दफ्तर के बाहर धरना दिया. किसान सीएम और डिप्टी सीएम के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे हैं.

ये भी पढ़े : इलाहाबाद हाईकोर्ट से योगी सरकार को झटका, अनुसूचित जाति में शामिल नहीं होंगी 17 OBC जातियां



बता दें कि राजस्थान में चुनाव से पहले कांग्रेस ने एलान किया था कि उनकी सरकार आने पर 10 दिन के अंदर ही किसानों के कर्ज माफ किए जाएंगे. राजस्थान में कुल 80 लाख किसान हैं जिनमें कर्जमाफी के लिए योग्य 55 लाख किसान हैं. कर्ज माफी के लिए 23.15 लाख किसानों ने आवेदन किया है जिसमें से 20 लाख 84 हजार किसानों का ही कर्ज माफ हुआ है.

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

Related Articles