Lok Sabha Election 2019: राजस्थान के 12 सीटों पर 12 बजे तक 30 फीसदी मतदान, कई जगह EVM ख़राब

संक्षेप:

  • राजस्थान में 11 बजे तक 29.37 फीसद मतदान हुआ
  • लोकसभा चुनाव में राजस्थान के दूसरे और अंतिम चरण के लिए मतदाता उत्साह से मतदान करते दिख रहे हैं
  • राजस्थान में लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के तहत आज यानी सोमवार को 12 सीटों के लिए मतदान हो रहा है

जयपुर, जेएनएन। राजस्थान में लोकसभा चुनाव 2019 के दूसरे और आखिरी चरण की 12 सीटों के लिए सोमवार सुबह सात बजे से कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान जारी है। राजस्थान में 11 बजे तक 29.37 फीसद मतदान हुआ। सुबह नौ बजे तक 13.34 फीसद मतदान हुआ है। केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और उनकी पत्नी गायत्री ने जयपुर के वैशाली नगर स्थित टीपीएस स्कूल में मतदान किया। एनडीए प्रत्याशी हनुमान बेनीवाल ने पैतृक गांव बरणगांव में वोट डाला। कांग्रेस प्रत्याशी श्रवण कुमार अपने घर घरडू की ढाणी में पूजन कर बालाजी मंदिर में हवन में आहुति देकर वोट डालने बूथ पर पहुंचे।

दो घंटे में करीब 14 प्रतिशत मतदान
लोकसभा चुनाव में राजस्थान के दूसरे और अंतिम चरण के लिए मतदाता उत्साह से मतदान करते दिख रहे हैं। गर्मी तेज होने के कारण सुबह सात बजे से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। पहले दो घंटे में प्रदेश में 13.34 प्रतिशत मतदान हो चुका है।

राजस्थान में लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के तहत आज यानी सोमवार को 12 सीटों के लिए मतदान हो रहा है। इन सभी 12 सीटों पर कुल 134 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इनमें 68 निर्दलीय प्रत्याशी शामिल हैं।

ये भी पढ़े : उद्धव ठाकरे पर भड़के इकबाल अंसारी, कहा- सांसदों के साथ अयोध्या आना धर्म नहीं राजनीति


बीकानेर: इस सीट पर दो मौसेरे भाई आमने-सामने हैं। भाजपा के प्रत्याशी केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम जहां पूर्व आइएएस हैं तो कांग्रेस के प्रत्याशी मदन गोपाल मेघवाल पूर्व आईपीएस हैं। अर्जुन राम 2009 और 2014 में लोकसभा का चुनाव जीत चुके हैं। वहीं मदन गोपाल राजनीति में नए हैं। अर्जुन राम बीकानेर में पुराने भाजपाई देवी सिंह भाटी का विरोध झेल रहे हैं। बीकानेर से अर्जुन राम की उम्मीदवारी पर देवी सिंह ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया था।

जयपुर ग्रामीण : केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ जयपुर ग्रामीण से भाजपा के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में हैं। उनके सामने कांग्रेस ने विधायक व पूर्व ओलिंपियन कृष्णा पूनिया हैं। इस क्षेत्र में जाट समाज के चार लाख से अधिक वोट होने के कारण मुकाबला कड़ा है। राज्यवर्धन मोदी का चेहरा आगे करके ही वोट मांग रहे हैं और यहां के युवाओं में पीएम मोदी के प्रति आकर्षण के कारण राज्यवर्धन की स्थिति अच्छी है।

अलवर : यहां में कांग्रेस के भंवर जितेंद्र सिंह का मुकाबला भाजपा के बाबा बालकनाथ से है। बालकनाथ हरियाणा से हैं और कांग्रेस इसे मुद्दा बना रही है। नुक्कड़ सभाओं में कांग्रेस प्रत्याशी मतदाताओं से कहते है कि अलवर का अपमान मत होने देना। बाहरी को भगा देना। वहीं भाजपा प्रत्याशी कहते है कि हमें सुरक्षित अलवर चाहिए तो कांग्रेस को भगा देना। दोनों पार्टियों का गणित फिलहाल कांटे की टक्कर मान रहा है।

नागौर : भाजपा छोड़कर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी बनाने वाले हनुमान बेनीवाल का मुकाबला नागौर के ताकतवर मिर्धा परिवार की बेटी ज्योति मिर्धा से है। ज्योति मोदी लहर में यहां से चुनाव हार गईं थीं। इससे पहले वे यहां से सांसद चुनी गई थीं। भाजपा ने यहां बेनीवाल की पार्टी से गठबंधन किया है। बेनीवाल को भाजपा के साथ युवाओं का भी साथ मिल रहा है।

दौसा: यहां कांग्रेस और भाजपा ने महिला प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारा है। भाजपा की जसकौर मीणा के सामने कांग्रेस की सविता मीणा हैं। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को वोट देने वाले गुर्जर कांग्रेस से नाराज हैं। माना जा रहा है कि उनके वोट भाजपा की झोली में आ सकते हैं।

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

Related Articles