राजस्थान का बजट पेश, किसानों के लिए 1 हजार करोड़ के कृषक कल्याण कोष के गठन की घोषणा

संक्षेप:

  • राजस्थान सरकार अपना बजट पेश कर रही है.
  • 1000 करोड़ के कृषक कल्याण कोष की घोषणा.
  • पिछली सरकार ने बिना सोचे-समझे कर्ज लिया.

जयपुर: राज्य सरकार अपना बजट पेश कर रही है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बजट भाषण पेश कर रहे हैं. गहलोत ने अपने बजट भाषण की शुआत शेर पढ़कर की, उन्होंने शेर पढ़ा, यकीनन हमें आगे भी बढ़ना है, बहुत कुछ आगे करके विकास को ऊचाइंयों को भी छूना है.`

- आगामी पांच सालों में हर वर्ग का विकास हमारी प्राथमिकता

- अच्छी शिक्षा कौशल विकास और रोजगार उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है, हमारी प्राथमिकताओं का पूरा ब्यौरा जन घोषणा पत्र में दर्ज है`

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- केंद्रीय बजट में सिर्फ यकीन कराने की कोशिश की गई

-1000 करोड़ के कृषक कल्याण कोष्ज्ञ की घोषणा, - प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा, प्राकृतिक खाद-बीज तैयार किए जाएंगे, 1 लाख मैट्रिक टन डीएपी, 2 लाख मैट्रिक टन यूरिया का भंडारण कराया जाएगा"

- प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा

- पिछली सरकार ने बिना सोचे-समझे कर्ज लिया

- बिजली कंनिसरें के कर्जभ्रार को अपने उपर ले लिया

- राज्य कर्ज के तले पिछली सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन की वजह से दबा, 1 लाख 29 हजार करोड़ था भार, गत सरकार ने बिना सोचे समझे अत्यधिक ऋण लिया`

- यह बजट जनता का बजट है, समाज के विभिन्न वर्गों से चर्चा करके हमने उनकी भावनाओं और बहुमूल्य सुझावों को बजट में शामिल करने का प्रयास किया है`

- राज्य कर्ज के तले पिछली सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन की वजह से दबा, 1 लाख 29 हजार करोड़ था भार, गत सरकार ने बिना सोचे समझे अत्यधिक ऋण लिया`

- केन्द्र की उदय योजना : `बगैर प्लानिंग के लागू की गई उदय योजना, बिजली कम्पनियों को वित्तीय संकट से उभारने का था दावा, लेकिन पूर्ववर्ती सरकार ने बगैर सोचे-समझे लागू कर दी योजना`

- आवारा पशुओं से मिलेगी निजात

- एक हजार करोड़ खर्च कर 500 की आबादी के गांवों को सड़कों से जोड़ा जाएगा

- मिसिंग लिंक सड़कों का निर्माण होगा। धार्मिक पर्यटन क्षेत्रों में भी सड़़कों के निर्माण पर फोकर रहेगा

छोटे-छोटे गांवों को सड़कों से जोड़ेंगे

यह बजट केंद्र सरकार के आम बजट के 4 दिन बाद आया है. राज्य में कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार सत्ता में आने से लेकर अब तक के 6 माह के कार्यकाल में 9 बड़ी घोषणाएं करने के अलावा पेट्रोल-डीजल पर 4 फीसदी तक भारी टैक्स बढ़ाने के अलावा दो बार आबकारी शुल्क भी बढ़ा चुकी है.
ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि गहलोत बुधवार को जनता को क्या देंगे और क्या लेंगे. यह सवाल इसलिए भी है, क्योंकि खुद गहलोत कई मंचों पर यह बात कह चुके हैं कि सरकार की वित्तीय स्थिति खराब है. ऐसे में सरकार की मौजूदा वित्तीय स्थिति को देखते हुए पहले हो चुकी घोषणाओं को ही पूरा कर पानी बड़ी चुनौती है.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दौरान किसान कर्जमाफी, बेरोजगारी भत्ता, वृद्धावस्था पेंशन, किसान पेंशन, एक रुपए किलो गेहूं, दूध पर बोनस, स्टार्टअप्स, लड़कियों के लिए निशुल्क उच्च शिक्षा व निशुल्क दवा योजना में कैंसर, हृदय, श्वांस व गुर्दा रोग, की दवाओं को शामिल करने जैसी 9 बड़ी घोषणाएं कर चुके हैं. वहीं पेट्रोल-डीजल पर वैट में बढ़ोतरी और शराब पर एक्साइज शुल्क भी बजट से पहले ही बढ़ा चुके हैं. ऐसे में बुधवार को विधानसभा में बजट पेश करते हुए गहलोत क्या नई घोषणा करेंगे इस पर सबकी नजरें रहेंगी.

विधानसभा चुनाव से लेकर अब तक ये घोषणाएं हो चुकीं हैं

किसान

कर्जमाफी : सहकारी सेक्टर के 24 लाख किसानों का 8 हजार करोड़ रु. का कर्जमाफ
पेंशन : 12 फरवरी को अंतरिम बजट में आयु वर्ग के हिसाब से किसानों को 750 रु. से 1000 रु. तक पेंशन की घोषणा हो चुकी

युवा और बुजुर्ग

बेरोजगारी भत्ता : कांग्रेस अपने घोषणा पत्र में 3 हजार रुपए बेरोजगारी भत्ता देने का ऐलान कर चुकी है
वृद्धावस्था पेंशन : 46 लाख बुजुर्गों के लिए प्रतिमाह पेंशन 500 से बढ़ाकर 750 रु. और 750 रु. से बढ़ाकर 1000 रु. की जा चुकी है.

नि:शुल्क

दवा योजना : कैंसर, हृदय रोग, श्वांस व गुर्दा रोग में काम आने वाली दवाओं को निशुल्क दवा योजना में शामिल करने का ऐलान हो चुका है.
लड़कियों को निशुल्क शिक्षा: कॉलेज स्तर की शिक्षा फ्री दिए जाने की घोषणा की जा चुकी है.

और ये भी : एक रुपए किलो गेहूं, दूध पर बोनस, स्टार्टअप्स जैसी घोषणाएं भी अब तक हो चुकी हैं.

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