निवेश के नाम पर डॉक्टरों से की करोड़ों रुपए की ठगी, गिरोह के तीन आरोपी गिरफ्तार

संक्षेप:

  • राजस्थान पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) और विशेष अभियान समूह (एसओजी) ने कर्ज दिलवाने के नाम पर डॉक्टरों से ठगी के मामले में एक संगठित गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है
  • अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, एटीएस व एसओजी अनिल पालीवाल ने बताया कि विगत दिनों एसओजी में काफी संख्या में डॉक्टरों ने शिकायत दर्ज करवाई कि कुछ लोगों द्वारा संगठित गिरोह बनाकर कई जिलों के डॉक्टरों के साथ ऋण दिलवाने के नाम पर ठगी की जा रही है
  • मामले की जांच के बाद पुलिस ने संगठित गिरोह को गिरफ्तार किया।

राजस्थान पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) और विशेष अभियान समूह (एसओजी) ने कर्ज दिलवाने के नाम पर डॉक्टरों से ठगी के मामले में एक संगठित गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
 अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, एटीएस व एसओजी अनिल पालीवाल ने बताया कि विगत दिनों एसओजी में काफी संख्या में डॉक्टरों ने शिकायत दर्ज करवाई कि कुछ लोगों द्वारा संगठित गिरोह बनाकर कई जिलों के डॉक्टरों के साथ ऋण दिलवाने के नाम पर ठगी की जा रही है। मामले की जांच के बाद पुलिस ने संगठित गिरोह को गिरफ्तार किया।

उन्होंने बताया कि गिरोह के सदस्य अमित शर्मा (42), डॉ. रामलखन डिसानिया (38) और नेहा जैन (23) को गिरफ्तार कर जांच की जा रही है। यह तीनों जयपुर के रहने के वाले है।

पालीवाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से प्रारम्भिक पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य डॉ. रामलखन डिसानिया का फायदा उठाकर डॉक्टरों से संपर्क करते थे और उन्हें बड़ी होटलों में बैठक व पार्टियां आयोजित कर उनके द्वारा व्यवसाय/शेयर मार्केट में निवेश करने का लालच देकर डॉक्टरों को बैंकों एवं वित्तीय संस्थाओं से भारी ऋण उपलब्ध करवाते थे। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों को ऋण दिलवाने के बाद ऋण के पैसों को स्वयं द्वारा संचालित व्यवसाय में निवेश करवा कर प्रतिमाह दस हजार से एक लाख रुपए तक के मुनाफे का लालच दिया जाता था।

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एडीजीपी ने बताया कि आरोपियों ने डॉक्टरों को फार्मा, माइनिंग व प्रॉपर्टी में निवेश कर भारत की प्रसिद्ध फर्म बनने का भी झांसा दिया। आरोपी बैठक के दौरान डॉक्टरों को आकर्षित करने के लिए ईएमआई के अतिरिक्त उन्हें आईफोन, ऑडी, बीएमडब्ल्यू जैसी महंगी कारें कम ब्याज पर दिलवाने का भी प्रलोभन दिया करते थे।माना जा रहा है कि इस तरह इन्होंने डॉक्टरों के करोड़ों रुपये ठगे हैं। उन्होंने बताया कि अभियुक्तों से गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ जारी है।

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