बुंदेलखंड से जुड़े टीईटी पेपर लीक कराने वाले गैंग के तार, चार गिरफ्तार

संक्षेप:

  • टीईटी का पेपर लीक में बुंदेलखंड के सॉल्वर गैंग की बड़ी भूमिका सामने आ रही।
  • गैंग ने परीक्षार्थियों से व्हाट्सएप पर पेपर उपलब्ध कराने के लिए बड़ी डील की थी।
  • परीक्षार्थी से 50-50 हजार रुपये लेकर व्हाट्सएप पर पेपर पहुंचाया।

झाँसी- यूपी टीईटी का पेपर लीक कराने में बुंदेलखंड के सॉल्वर गैंग की बड़ी भूमिका सामने आ रही है। इस गैंग ने परीक्षार्थियों से व्हाट्सएप पर पेपर उपलब्ध कराने के लिए बड़ी डील की थी। परीक्षार्थी से 50-50 हजार रुपये लेकर व्हाट्स एप पर पेपर पहुंचाया था। इसके साथ ही झांसी के एक छात्र ने पेपर को व्हाट्स एप पर वायरल भी कर दिया था। इससे साफ है कि बुंदेलखंड के सॉल्वर गैंग का जुड़ाव पेपर लीक कराने वाले गिरोह से है।

बुंदेलखंड में परीक्षाओं को लेकर सॉल्वर गैंग की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। पेपर लीक कराने और फर्जी परीक्षार्थियों को परीक्षा में बिठाने के लिए गैंग ने नेटवर्क बना रखा है। बीते शुक्रवार को ही झांसी में एसएससी परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थी पकड़ा गया था। अमर उजाला ने इसे लेकर पहले ही चेता दिया था कि बुंदेलखंड में सॉल्वर गैंग ने यूपी टीईटी परीक्षा को लेकर बड़ी डील की है।

बताया जा रहा है कि यूपी टीईटी पेपर लीक कराने का भी पूरा ताना-बाना बुंदेलखंड में भी बुना गया। लखनऊ में एसटीएफ के हत्थे चढ़े झांसी के मऊरानीपुर निवासी अनुराग देश और चंदू वर्मा से पूछताछ में पता चला है कि वे दोनों पेपर सॉल्व कराने के लिए लखनऊ गए थे। इनके पास से पेपर की फोटोकॉपी मिली है। इसके साथ ही फरार चल रहे ऋषि शर्मा के व्हाट्सएप नंबर से पेपर परीक्षार्थियों को पहुंचाया गया। उसने टीईटी पेपर को सोशल मीडिया प्लेटफार्म व्हाट्सएप पर वायरल कर दिया। उसने यह पेपर कुछ चिह्नित लोगों को भेजा था। इसके अलावा चित्रकूट के एक युवक अभिषेक सिंह को प्रयागराज से एसटीएफ ने पकड़ा है। यह भी नकल कराने वाले गिरोह में शामिल बताया जा रहा है। अभिषेक परीक्षा देने की बात कहकर प्रयागराज गया था। वहीं एसटीएफ ने कौशांबी से रोशन सिंह पटेल निवासी चित्रकूट को पकड़ा है। इसके व्हाट्सएप पर हाथ से लिखे प्रश्न और उत्तर मिले हैं। एसटीएफ को कुछ और नेटवर्क भी मिला है। एजेंसियां इस गिरोह में शामिल लोगों की तलाश में दबिश दे रही हैं।

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कोचिंग सेंटरों के आसपास रहते हैं सक्रिय
बुंदेलखंड के सॉल्वर गैंग का नेटवर्क बहुत तगड़ा है। माना जा रहा है कि मामले में अभी कई और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। बताया जाता है कि गैंग के गुर्गे कोचिंग सेंटरों के आसपास सक्रिय रहते हैं। परीक्षार्थियों को परीक्षा पास कराने का झांसा देकर वसूली की जाती है। इसके लिए पहले परीक्षार्थियों से एडवांस लिया जाता है। बाकी रकम परीक्षा के बाद ली जाती है।

पेपर लीक मामले में कार्रवाई एसटीएफ ने की है। स्थानीय स्तर पर इसकी कोई जानकारी नहीं है।
जोगेंद्र कुमार, डीआईजी

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