कोरोना काल में बंद रहा ट्रेनों का संचालन, झांसी रेल मंडल को 431 करोड़ का भारी नुकसान

संक्षेप:

कोरोना काल में ट्रेनों का संचालन बंद होने से रेल मंडल को नुकसान

आय में इजाफा करने को लेकर किए जा रहे हैं प्रयास

लोगों को रेल संपत्ति के प्रति किया जा रहा है जागरुक

कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान जहां देश के साथ-साथ पूरे विश्व को आर्थिक संकट से जूझना पड़ा.. वहीं ऐसे में सब कुछ बंद होन से झांसी रेल मंडल को भी भारी नुकसान की सामना करना पड़ा है...

 

ट्रेनों का संचालन बंद रहने से झांसी रेल मंडल को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है... यात्री ट्रेनों का संचालन बंद रहने और अनारक्षित टिकटों की बिक्री नहीं होने से रेलवे को 431 करोड़ रुपये की चपत लगी है.. ऐेसे में रेलवे ने आय में इजाफा करने के लिए नई कोशिशें शुरू कर दी हैं.. माल लदान और अन्य संसाधनों के जरिए आय अर्जित करने के लिए नई योजनाएं आ रही हैं... जिससे नुकसान की भरपाई की जा सके...

ये भी पढ़े : जानिए कैसे Mobile App से फिर बुक कर सकेंगे जनरल टिकट?


 

दरअसल, कोरोना काल में 22 मार्च से ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया था.. इसके बाद रेलवे बोर्ड ने धीरे-धीरे ट्रेनों का संचालन शुरू किया... इसके बाद भी अब तक सभी ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं हो सका है.. कोरोना काल से पहले झांसी रेल मंडल से करीब 150 ट्रेनें गुजरती थीं.. इनमें अनारक्षित श्रेणी में भी टिकट की उपलब्धता के चलते बड़ी संख्या में यात्री सफर करते थे... लेकिन कोरोना के चलते अब तक ट्रेनों में अनारक्षित श्रेणी में सफर की सुविधा शुरू नहीं हो सकी है.. सवारी गाड़ियों के जरिए झांसी रेल मंडल को पिछले साल अप्रैल 2019 से जनवरी 2020 तक 575 करोड़ रुपये की आय हुई थी.. जबकि इस बार अप्रैल 2020 से जनवरी 2021 तक आय घटकर 143.50 करोड़ रुपये पर आ गई है... अकेले जनवरी महीने में पिछले साल रेलवे को यात्रियों से 55 करोड़ की आय हुई थी... जो इस बार घटकर 33.95 करोड़ पर रह गई... रेलवे अधिकारियों के मुताबिक सवारी गाड़ियों में मौजूदा समय में केवल आरक्षित श्रेणी में यात्रा की सुविधा है... इसके भी टिकट कम ही बन रहे हैं... ऐसे में रेलवे ने माल लदान, माल गोदाम विकसित कर आय बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है... उधर, रेलवे यात्रियों को भी रेल संपत्ति से छेड़छाड़ और नुकसान न पहुंचाने की अपील कर जागरूक कर रहा है...

 

कोरोना संक्रमण के चलते ट्रेनों का संचालन नहीं होने से रेलवे को नुकसान हो रहा है.. वहीं अब तक पैसेंजर ट्रेनों के संचालन को लेकर फैसला नहीं लिया जा सका है। हाल ही में अप्रैल से नई ट्रेनें चलाने की खबरें सामने आई थीं, लेकिन रेलवे बोर्ड ने इसे खारिज कर दिया है...

 

वहीं झांसी रेल मंडल के पीआरओ का कहना है कि कोरोना काल में ट्रेनों के बंद रहने से रेल मंडल को जरुरत से ज्यादा नुकसान हुआ है... आय में बढोतरी करने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं.. यात्रियों को तरह-तरह से रेल संपत्ति और नियमों का पालन करने को लेकर अभियान चलाकर जागरूक किया जा रहा है...

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

Read more Jhansi की अन्य ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें और अन्य राज्यों या अपने शहरों की सभी ख़बरें हिन्दी में पढ़ने के लिए NYOOOZ Hindi को सब्सक्राइब करें।