झांसी में बना पिंक टॉयलेट हुआ वीरान,अब यूज़र चार्ज लगेगा

संक्षेप:

  • महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट अनुपयोगी साबित हो रहे
  • पिंक टॉयलेट के प्रयोग पर यूजर चार्ज वसूलने की तैयारी हो रही है
  • संस्था ही टॉयलेट का रखरखाव और संचालन करेगी

झांसी । महानगर में स्मार्ट सिटी के तहत बनाए गए महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट अनुपयोगी साबित हो रहे हैं। आलम यह है कि सात जगहों पर बने पिंक टॉयलेट में से एक-दो को छोड़ दें, तो अन्य जगहों के पिंक टॉयलेट का प्रयोग करने के लिए कोई गया ही नहीं है। यह अजीब बात है कि महिलाओं की सहूलियत के लिए बनाए गए पिंक टॉयलेट का इस्तेमाल ही नहीं होता.

यही सब देखते हुएअब स्मार्ट सिटी के तहत पिंक टॉयलेट के प्रयोग पर यूजर चार्ज वसूलने की तैयारी हो रही है। इसके रखरखाव और संचालन के लिए आवेदन मांगे गए हैं।

आपको बता दें कि महानगर में स्मार्ट सिटी के तहत महिलाओं के लिए सात पिंक टॉयलेट बनवाए गए हैं। इन टॉयलेट का प्रयोग आमतौर पर महिलाएं कम करती हैं। करीब 2.70 करोड़ रुपये की लागत से बने पिंक टॉयलेट की उपयोगिता को लेकर कई बार सवाल उठ चुके हैं। बताया जाता है कि बस स्टैंड और मानिक चौक में बने पिंक टॉयलेट का तो प्रयोग महिलाएं करती हैं।

ये भी पढ़े : नोएडा: आईपीएस समेत कई पुलिसकर्मी संक्रमित, पुलिस विभाग में हड़कंप


जबकि अन्य पिंक टायॅलेट में आज तक कोई गया ही नहीं है। अब स्मार्ट सिटी के अधिकारी पिंक टॉयलेट का प्रयोग करने पर यूजर चार्ज वसूलने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए संस्थाओं से आवेदन मांगे गए हैं। संस्था ही टॉयलेट का रखरखाव और संचालन करेगी। इसके साथ ही टॉयलेट परिसर में विज्ञापन लगाए जा सकेंगे। स्मार्ट सिटी के अधिकारियों के मुताबिक टॉयलेट के रखरखाव और संचालन के लिए व्यवस्था की गई है।

नोडल अधिकारी अमित शर्मा का कहना है कि पिंक टॉयलेट का महिलाएं प्रयोग करती हैं। यहां पर विज्ञापन लगाने की सुविधा होगी। इसके लिए आवेदन मांगे गए हैं। अब देखते हैं आगे की क्या प्रक्रिया होती है.

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

Read more Jhansi की अन्य ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें और अन्य राज्यों या अपने शहरों की सभी ख़बरें हिन्दी में पढ़ने के लिए NYOOOZ Hindi को सब्सक्राइब करें।

Related Articles