मौनी बाबा की उम्र 100 साल के पार, धड़कन की रफ्तार 25 वर्ष के युवक जैसी, डॉक्टर हैरान

संक्षेप:

  • मौनी बाबा की उम्र 100 साल के पार
  • पर थड़कन की रफ्तार 25 साल के जैसी
  • डॉक्टर भी हुए हैरान

झांसी- 100 साल की उम्र पार करने वाले संत का 25 साल के युवक जैसा दिल धड़कता है। आपको सुनकर आश्चर्य जरूर होगा मगर इतनी अधिक उम्र में भी संत को न तो ब्लड प्रेशर है और न ही शुगर। कुछ समय पहले रात में घबराहट की शिकायत होने पर कार्डियोलॉजिस्ट ने जब संत की एंजियोग्राफी की तो वह खुद चौंक गए। उन्होंने देखा कि ह्रदय नौजवान जैसा है। 

मूलरूप से सीतापुर की सिंधौली तहसील निवासी चंद्रिका प्रसाद मिश्रा उर्फ मौनी महाराज का जन्म तीन मार्च 1890 में हुआ था। उनके आधार कार्ड में भी जन्म तिथि यही लिखी है। दस साल के बाद से ही उन्होंने तपस्या शुरू कर दी थी। उनके जीवन परिचय पर लिखी गई पुस्तिका में कहा गया है कि कम उम्र में ही उन्होंने बद्रीनाथ, केदारनाथ, अमरनाथ पर अखंड तपस्या की। बुंदेलखंड समेत देश भर में उनके काफी श्रद्धालु हैं।

वो लगातार एक से दूसरे जनपद में विचरण करते रहते हैं। शुरू से ही सात्विक जीवन जीने की वजह से उन्हें 131 साल की उम्र में भी न तो कभी मधुमेह, न ही उच्च रक्तचाप की दिक्कत हुई। कुछ समय पहले रात में घबराहट की शिकायत होने पर उनके श्रद्धालु मौनी महाराज को कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. आलोक शर्मा को दिखाने के लिए लेकर आए। जैसे ही श्रद्धालुओं ने मौनी महाराज की उम्र डॉक्टर को बताई वो चौंक गए। इसके बाद एंजियोग्राफी के दौरान मौनी महाराज का दिल 25 साल नवयुवक जैसा धड़कता मिला। इतनी अधिक उम्र में भी उनकी दिल की नसें बिल्कुल दुरुस्त हैं। 

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श्रद्धालुओं ने बताया कि मौनी महाराज ने हमेशा सात्विक जीवन जिया है। पहाड़ों पर तपस्या के दौरान उन्होंने शुद्ध हवा, शुद्ध पेयजल ग्रहण की। हमेशा ब्रह्म मुहूर्त में उठते हैं। नियमित व्यायाम भी करते हैं।

मौनी महाराज की एंजियोग्राफी के दौरान उनका दिल 25 साल के युवक जैसा धड़कता मिला। दिल की नसें बिल्कुल ठीक हैं। महाराज समाज के लिए बहुत बड़ा उदाहरण हैं। लोगों को समझना होगा कि सात्विक जीवन जीने की वजह से उम्र तो बढ़ती ही है, साथ ही बीमारियों से भी बचा जा सकता है।  

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