कानपुर में सड़क दुर्घटना में हुई 18 लोगों की मौत, परिजनों ने मुआवजे की मांग कबूल के बाद ही अंतिम संस्कार को दी मंजूरी

संक्षेप:

  • 18 लोगों की अब तक हो चुकी मौत
  • डबल डेकर बस और टेंपो की आपस में टक्कर से हुआ हादसा
  • मजदूरों को प्रतिदिन के मिलते थे 280 रुपए 

कानपुर। कानपुर में एक भीषण सड़क हादसे में 18 लोगों की अब तक हो चुकी मौत। यह दुर्घटना कानपुर की सचेंडी के किसान नगर में मंगलवार रात को हुआ। डबल डेकर बस और टेंपो की आपस में टक्कर से यह हादसा हुआ। मौत से लालेपुर और ईश्वरीगंज गांव में मातम पसर गया। बुधवार सुबह लालेपुर गांव में शवों के पहुंचते ही चारों तरफ चीत्कार मच गई। 

मुआवजे की मांग कबूल के बाद ही अंतिम संस्कार होने दिया 

इस दौरान भारी फोर्स भी मौके पर तैनात रहा। परिजनों ने मुआवजे की मांग करते हुए जमकर हंगामा किया। पुलिस के समझाने के बाद भी शवों को नहीं उठने दिया। आलाधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को बताया कि मुख्यमंत्री, प्रधनमंत्री राहत कोष से 2 -2 लाख रूपये, किसान बीमा योजना के तहत 5 लाख रूपये दिये जाएंगे। प्रति मृतक के परिजनों को 9 लाख रूपये का मुआवजा मिलेगा। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। सभी का बिठूर में अंतिम संस्कार किया जाएगा। ग्रामीणों के मुताबिक सभी लोग हर दिन एक साथ काम पर जाते थे और एक साथ लौटते थे।

ये भी पढ़े : उत्तराखंड: दिल्ली के नवनिर्माण में आईआईटी रुड़की तैयार करेगा मास्टर प्लान, डीडीए के साथ हुआ करार


एक ही गाड़ी से सभी रोज आते जाते थे

ड्यूटी का समय एक होने की वजह से सभी एक ही गाड़ी से आते-जाते थे। मंगलवार को सभी लोग करीब साढ़े सात बजे टेंपो से फैक्टरी के लिए रवाना हुए। कुछ ही देर बाद हादसा हो गया। हादसे में लालेपुर गांव निवासी तीन सगे भाइयों शिवभजन (22), राम मिलन (24) और लवलेश (20) की मौत हुई है।

मजदूरों को प्रतिदिन के मिलते थे 280 रुपए 

ग्रामीणों ने बताया कि बिस्कुट फैक्टरी का मालिक इन मजदूरों को 280 रुपये रोज देता था। महीने की 15 तारीख को सैलरी व 25 को एडवांस दिया जाता था। हादसे में जान गंवाने वाले तीन भाइयों के बड़े भाई अजय ने बताया कि फैक्टरी मालिक एक ही टेंपो गांव भेजता था। उसमें सवार होकर लालेपुर और ईश्वरीगंज के लोग फैक्टरी जाते थे। कई बार शिकायत के बाद भी उसने सुनवाई नहीं की। 

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

Read more Kanpur की अन्य ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें और अन्य राज्यों या अपने शहरों की सभी ख़बरें हिन्दी में पढ़ने के लिए NYOOOZ Hindi को सब्सक्राइब करें।

Related Articles