ओवरलोडिंग ट्रकों से जुर्माने का बना रिकॉर्ड, छह महीनों में 28 हजार ओवरलोड ट्रकों से वसूला 300 करोड़ का जुर्माना

संक्षेप:

  • ओवरलोडिंग ट्रकों से 300 करोड़ जुर्माने की हुई वसूली।
  • टोल नाकों पर निगरानी से बढ़ा राजस्व।
  • पहले लक्ष्य का 30 से 40 प्रतिशत ही आता था राजस्व।

कानपुर. कानपुर में खनन में लगे ओवरलोड ट्रकों से वसूले गए जुर्माने ने रिकॉर्ड बना दिया। अप्रैल 2022 से सितंबर तक छह महीने में कानपुर नगर में परिवहन विभाग ने 28 हजार ट्रकों का चालान किया। इनसे करीब 300 करोड़ रुपये राजस्व वसूला गया है। इन ओवरलोड ट्रकों की सूची नंबरों के आधार पर परिवहन विभाग को भेजी गई थी। सबसे ज्यादा घाटमपुर सजेती के अलियापुर टोल टैक्स पर चालान हुए हैं। यहां से हमीरपुर, बांदा, कबरई, महोबा से मौरंग, बालू और गिट्टी लेकर ट्रकों गुजरते हैं। सबसे ज्यादा राजस्व वसूलने में कानपुर नगर जोन के 16 जिलों में पहले नंबर पर है। लक्ष्य का 80 प्रतिशत राजस्व वसूला गया है।

टोल नाकों पर निगरानी और धर्मकांटा से बढ़ा राजस्व

टोल प्लाजा पर ओवरलोड वाहनों की सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और धर्मकांटा से होने वाली तौल की व्यवस्था से जुर्माना बढ़ा है। ओवरलोड वाहनों की सीसीटीवी कैमरों से नंबर प्लेट की फोटो खिंच जाती है। इसकी सूची सीधे परिवहन विभाग के मुख्यालय, लखनऊ भेजी जाती है, जो नंबर जिस जिले से संबंधित होता है। वहां के आरटीओ ऑफिस में सूची भेजकर चालान के नोटिस वाहन स्वामियों को भेजे जाते हैं। इसके आधार पर कार्रवाई की जाती है।

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छह महीने में करीब 300 करोड़ रुपये का किया चालान

पहले आरटीओ ऑफिस की प्रवर्तन टीमें ओवरलोड वाहनों को चेकिंग करती थीं। तब उतनी निगरानी नहीं हो पाती थी। तब लक्ष्य का 30 से 40 प्रतिशत राजस्व ही वसूला जाता था। यही कारण है कि तब कानपुर नगर यूपी के टॉप-50 जिलों में रहता था। अब टॉप-10 में शामिल है। कानपुर नगर एआरईओ प्रवर्तन सुनील दत्त ने बताया कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में महज छह महीने में करीब 300 करोड़ रुपये के चालान होना रिकॉर्ड है। हर ओवरलोड वाहन की निगरानी हो रही है और उनके चालान किए जा रहे हैं। टोल टैक्स से ऑनलाइन निगरानी बढ़ी है।

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