चुनावी ड्यूटी पर लगाए गए बैंक के 90 फीसदी स्टाफ, ग्राहक कर रहे परेशानी का सामना

संक्षेप:

  • सरकारी बैंकों के 90 फीसदी स्टाफ की ड्यूटी चुनाव में लगा दी गई है। 
  • चुनाव में लगे कर्मचारियों का प्रशिक्षण भी शुरू हो गया है।
  • कई कर्मचारियों को वैक्सीन की डोज भी नहीं लगी, फिर भी ड्यूटी लगी है।

कानपुर- अधिकतर सरकारी बैंकों में 90 फीसदी स्टाफ की ड्यूटी चुनाव में लगा दी गई है। कानपुर में तीसरे चरण में 20 फरवरी को मतदान कराया जाना है। चुनाव में लगे कर्मचारियों का प्रशिक्षण भी शुरू हो गया है। बड़ी संख्या में ड्यूटी लगने से आने वाले सप्ताह में बैंक में ग्राहकों को समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

कर्मचारी संगठनों ने नियमों की अनदेखी करके चुनाव में ड्यूटी लगाने के आरोप लगाए हैं। वी बैंकर्स एसोसिएशन के महामंत्री आशीष मिश्रा ने बताया कि बैंकों में स्टाफ की पहले से ही कमी है। इसके बाद भी चुनाव में बड़ी संख्या में बैंक अफसरों-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।

कर्मचारी हमेशा सहयोग करते हैं लेकिन नियमों को दरकिनार करके ड्यूटी लगाई गई है। कई शाखाओं में पूरे स्टाफ की चुनाव में ड्यूटी लग गई है। ऐसे में 19 और 21 फरवरी को शाखाओं में काम प्रभावित हो सकता है। कई कर्मचारियों को कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज भी नहीं लगी है, फिर भी ड्यूटी लगी है।

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नियमत: पति या पत्नी दोनों सरकारी कर्मचारी हैं तो किसी एक की ही चुनाव में ड्यूटी लगेगी। इस नियम का भी पालन नहीं किया गया। नेशनल कंफेडरेशन ऑफ बैंक इंप्लाइज के सचिव राजेंद्र अवस्थी ने बताया कि तमाम बैंकों के स्टाफ की चुनाव में ड्यूटी लगी है। ऐसे में बैंक प्रबंधन को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि किसी ग्राहक को कोई परेशानी न हो। बड़ी शाखाओं के कर्मचारियों को छोटी शाखाओं में कुछ समय के लिए काम में लगाया जाए।

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