सावधान! कानपुर में पीने के पानी में भी है वायरस

संक्षेप:

यूपी के कानपुर चिड़ियाघर में एक बार फिर बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद हडक़म्प हैै. पिछले दिनों यहां दो कौवे मृत पाए गए थे. उनका सैंपल भोपाल (Bhopal) रिसर्च सेंटर भेजा गया था.

यूपी के कानपुर चिड़ियाघर में एक बार फिर बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद हडक़म्प हैै. पिछले दिनों यहां दो कौवे मृत पाए गए थे. उनका सैंपल भोपाल (Bhopal) रिसर्च सेंटर भेजा गया था. भोपाल सेम्पल की जांच के बाद रिपोर्ट पॉजीटिव आई है. यहां चिड़ियाघर के तालाबों का पानी भी संक्रमित (Virus) मिलने की खबर है. इसको देखते हुए यहां खास सतर्कता बरती जा रही है. कानपुर चिडिय़ाघर का नाम उत्तर प्रदेश के प्रमुख चिडिय़ाघरों में आता है. यहां बर्ड फ्लू का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने यहां सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है.

लोगों के यहां आने पर रोक लगाई गई है. बताया जा रहा है कि कानपुर के प्राणी उद्यान में 5 जनवरी को 2 मुर्गी और 2 तोते की मौत हुई थी. जिसकी रिपोर्ट 9 जनवरी को पॉजिटिव मिली थी. चिड़ियाघर प्रशासन बर्ड फ्लू प्रोटोकॉल के तहत दवाइयों के छिडक़ाव से लेकर अन्य सभी व्यवस्थाएं करने में जुट गया. पिछले रविवार को स्वच्छंद विचरण करने वाले दो कौवे प्राणी उद्यान के अंदर मृत पाए गए थे.

इसके बाद प्राणी उद्यान प्रशासन ने दोनों कौवे के कारकस और एकत्र किए गए पानी व मिट्टी के नमूने परीक्षण के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनीमल डिजीज भोपाल भेज दिए थे. आज बुधवार को आई रिपोर्ट के अनुसार मृत कौवों एवं पूल्ड रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है. प्राणी उद्यान के अंदर की मिट्टी के नमूने निगेटिव पाए गए हैं .

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कानपुर चिड़ियाघर में लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है. वहां पानी को पूरी तरह से साफ किया जा रहा है. यहां के निदेशक सुनील चौधरी ने बताया कि चिडिय़ाघर के बाड़ों में जो पानी के छोटे -छोटे तालाब हैं, उस पानी में बर्ड फ्लू का वायरस पाया गया है. वहीं, मृत मिले दो कौवों में भी बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है. चिडियाघर में ही इस वायरस को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है.

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