साइबर ठगी के गिरोह का पुलिस ने किया पर्दाफाश, फर्जी कॉल सेंटर चला एक हजार लोगों से ठगे तीन करोड़, तीन गिरफ्तार

संक्षेप:

  • बीमा कंपनी का अफसर बन ग्राहकों को लगाते थे चूना।
  • करीब एक हजार लोगों से तीन करोड़ रुपये की ठगी।
  • कॉल सेंटर चलाने वाले मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार।

कानपुर- बीमा कंपनी का अफसर बन ग्राहकों को चूना लगाने वाले साइबर ठगी के गिरोह का क्राइम ब्रांच ने सोमवार को पर्दाफाश किया है। कॉल सेंटर चलाने वाले मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने देशभर के तकरीबन एक हजार लोगों से तीन करोड़ रुपये की ठगी की है।

इस रकम के ट्रांजेक्शन के रिकार्ड मिले हैं। डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल के मुताबिक तकरीबन एक महीने पहले कल्याणपुर थाने में राहुल महतो ने आईटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। राहुल के मुताबिक एक शख्स ने फोन कर बताया था कि वह एक्साइड लाइफ इंश्योरेंस कंपनी का अधिकारी है।

उसने उसी दिन प्रीमियम जमा करने के एवज में 30 प्रतिशत कैश बैक देने का लालच दिया। राहुल ने झांसे में आकर 47 हजार रुपये दिए गए नंबर पर जमा कर दिए। इसके बाद न तो उन्हें रसीद मिली और न ही कैश बैक। इस मामले की जांच करते हुए क्राइम ब्रांच ने चंदौसी (संभल) के अतुल कुमार, भौजपुर विल्सी बदायूं के दर्शन श्रीवास्तव और दिल्ली के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के किराडी निवासी रघुवीर कुमार को गिरफ्तार किया। रघुवीर एमसीए तो दर्शन 10वीं पास है।

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इस तरह देते थे ठगी को अंजाम
डीसीपी क्राइम के मुताबिक गिरोह का मास्टरमाइंड रघुवीर है। रघुवीर दिल्ली और दर्शन श्रीवास्तव बदायूं में कॉल सेंटर चलाता था। यहां से लोगों का डाटा लेकर एजेंट से फोन करवाता था। आरोपी तीन-चार तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। किसी को इंश्योरेंस की किस्त में छूट तो किसी को कैश बैक का झांसा देते थे। इसके अलावा क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने की बात कहकर भी लोगों को शिकार बनाते थे। गिफ्ट भेजने व लोन कराने के नाम पर भी ठगते थे। 

20 खाते मिले, रकम कराई फ्रीज
आरोपियों के पास से अलग-अलग बैंकों के 28 एटीएम कार्ड मिले हैं। क्राइम ब्रांच की पड़ताल में 20 खातों की जानकारी मिली है, जिन्हें फ्रीज कराया गया है। खाते फर्जी दस्तावेजों पर खुलवाए गए। इस वजह से आरोपी ट्रेस नहीं हो सके। क्राइम ब्रांच सर्विलांस की मदद से आरोपियों तक पहुंची है।

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