एंबुलेंस में कराई डिलीवरी, स्टाफ ने रास्ते में गाड़ी रोक कराया सुरक्षित प्रसव

संक्षेप:

  • सङक पर डेरा जमाये अन्ना गौवंशों के झुंड के चलते भीषण जाम।
  • एंबुलेंस कर्मियों ने रास्ते में ही गाड़ी रोक आशा के साथ मिल सुरक्षित डिलीवरी करवाई।
  • जच्चा-बच्चा दोनों भीतरगांव सीएचसी में स्वस्थ्य और सुरक्षित।

कानपुर- कानपुर के भीतरगांव के साढ़ में थाने के सामने सङक पर डेरा जमाये अन्ना गौवंशों के झुंड के चलते भीषण जाम लग गया। जाम में फंसी एंबुलेंस समय से सीएचसी भीतरगांव नहीं पहुंच पायी। एंबुलेंस में सवार गर्भवती महिला को असहनीय प्रसव पीड़ा होने लगी। एंबुलेंस कर्मियों ने रास्ते में ही गाड़ी रोक आशा के साथ मिल सुरक्षित डिलीवरी करवाई। फिलहाल जच्चा-बच्चा दोनों भीतरगांव सीएचसी में स्वस्थ्य और सुरक्षित हैं। 

भीतरगांव विकास खंड के अमौर गांव निवासी उमेश कुमार की पत्नी उमा देवी (25) को रविवार देर शाम प्रसव पीड़ा हुई। परिवार वालों ने एंबुलेंस को बुलाया। सूचना मिलने के 14 मिनट बाद एंबुलेंस गांव पहुंची और गर्भवती उमा के साथ देवरानी रागिनी व आशा गीता तिवारी को लेकर भीतरगांव को निकली। तभी कस्बा साढ़ में थाना के पास सड़क पर कब्जा जमाये अन्ना गौवंशों के चलते निकलने वाले भारी वाहनों के आड़े तिरछे होने से जाम लग गया। जिसमें फंसकर एंबुलेंस रेंग-रेंग चलने लगी और समय से सीएचसी भीतरगांव नहीं पहुंच सकी।

इस दौरान महिला को प्रसव पीड़ा तेज हो गई। एंबुलेंस 108 के ईएमटी अनीश कुमार और चालक पंकज कुमार ने रास्ते में गाड़ी रोककर महिला की सुरक्षित डिलीवरी कराई। उमा ने एक बेटी को जन्म दिया। इसके बाद एंबुलेंस कर्मियों ने जच्चा बच्चा को सीएचसी भीतरगांव में भर्ती कराया। एंबुलेंस चालक पंकज कुमार और ईएमटी अनीश कुमार ने बताया कि जरा भी देर हो जाती तो महिला की जान पर बन सकती थी। अधिक प्रसव पीड़ा देखकर सड़क किनारे एंबुलेंस खड़ी कर आशा के साथ मिलकर महिला का सुरक्षित प्रसव करवाया। सीएचसी में भर्ती जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ्य और सुरक्षित हैं। उमा की यह तीसरी बेटी है, इसके पहले भी दो बेटियां हैं।

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