दूसरे धर्म के प्रेमी से शादी करने के लिए एसडीएम कोर्ट पहुंची युवती, नाबालिग होने पर भी 2019 में किया था निकाह

संक्षेप:

  • प्रेम विवाह की जिद पर अड़ी युवती खुद को बालिग बताकर एसडीएम कोर्ट पहुंची।
  • धर्म बदलकर निकाह करने पर हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताते हुए पुलिस को जानकारी दी।
  • पिता ने उसे प्रेमी के साथ जाने के लिए स्वतंत्र कर दिया।

कानपुर- उन्नाव जिले के सफीपुर में दूसरे समुदाय के युवक से प्रेम विवाह की जिद पर अड़ी युवती खुद को बालिग बताकर एसडीएम कोर्ट पहुंची। उसने प्रेमी संग शादी की इच्छा जताई। बेटी की जिद देख पिता ने उसे प्रेमी के साथ जाने के लिए स्वतंत्र कर दिया।

दो वर्ष पूर्व प्रेमी के साथ बेटी के चले जाने पर पिता ने नाबालिग बता रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने बेटी को खोजकर पिता के सुपुर्द कर प्रेमी को गिरफ्तार किया था। मौजूदा समय में प्रेमी जमानत पर है। 2019 में नाबालिग होने पर भी धर्म बदलकर निकाह करने पर हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताते हुए पुलिस को जानकारी दी।

पुलिस जांच कर रही है। कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की युवती का दो वर्षों से दूसरे समुदाय के युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था। 13 सितंबर 2019 को किशोरी को प्रेमी अपने साथ लेकर चला गया था। बेटी को नाबालिग बता पिता ने प्रेमी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

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पुलिस ने किशोरी को खोजकर आरोपी गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया था। 13 दिन बाद आरोपी जमानत पर बाहर आ गया था। किशोरी खुद के बालिग होने इंतजार करती रही। बुधवार को युवती एसडीएम कार्यालय पहुंची और खुद को बालिग बता प्रेमी के साथ शादी करने की इच्छा जताई।
एसडीएम ने युवती के परिजनों को बुलाया। बेटी की जिद देख पिता ने उसे स्वतंत्र कर दिया और वहां से लौट गए। उधर हिंदू संगठनों को जब इस बात की भनक लगी तो आपत्ति जताकर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस युवक व युवती को कोतवाली ले आई।

पुलिस ने दोनों से पूछताछ की। युवती ने बताया कि वर्ष 2019 में प्रेमी के साथ जाने के बाद धर्म परिवर्तन कर स्वेच्छा से निकाह किया और अपना नाम बदल लिया। सीओ बीनू सिंह ने बताया कि सभी तथ्यों पर जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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