`हमें तिरंगे का एक टुकड़ा दे दो`

संक्षेप:

जागरण संवाददाता, कानपुर : ज्वाला देवी विद्या मंदिर के संस्थापक दिवस पर हुई सांस्कृतिक संध्या पर डिग्री विभाग की छात्राओं ने बसंत कुमार परिहार द्वारा रचित `इण्डिया गेट का मुकदमा` पर आधारित नाटक `बस यही निशां है बाकी, अब देश के वीर जवानों का` पेश करके देशप्रेम का संदेश दिया। नाटक में दिखाया गया कि इंडिया गेट को बचाने के लिए सैनिकों की आत्माएं शहीद स्मारक से निकलकर मुकदमा दर्ज कराती हैं। वह गुहार लगाती हैं कि देश की इस धरोहर को सुरक्षित रखा जाए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जागरण समूह के चेयरमैन योगेंद्र मोहन गुप्त रहे।

नाटक में दिखाया गया कि वर्ष 2075 में आबादी इतनी बढ़ गई कि सांसदों के लिए संसद भी छोटा पड़ने लगा है। ऐसे में भवन को बड़ा करने का प्रस्ताव लाया गया। सांसदों ने प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी लेकिन इसके रास्ते में इंडिया गेट आ गया। नेताजी का कहते हैं कि इसे हटाकर बड़ा संसद बना दिया जाए। ये सुनते ही सैनिकों की आत्माएं वहां बने शहीद स्मारक से निकलकर प्रस्ताव के खिलाफ न्यायालय में गुहार लगाती हैं। अंत में वह अपने लिए केवल एक तिरंगे का टुकड़ा मांगती हैं। तब नेताजी की आंखें खुल जाती हैं।

इसके अलावा प्राइमरी विभाग की छात्राओं ने `द किंग एंड हिज डॉटर्स` व इंटर विभाग की छात्राओं ने `व्यथा एक बच्चे की` नाटक पेश किया। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि संभागीय परिवहन अधिकारी कानपुर देहात अरविंद कुमार त्रिवेदी, विद्यालय की प्रबंधकारिणी समिति के सचिव हिमांशु प्रधान, प्राचार्य डा. शालिनी मिश्रा, इंटर विभाग की प्रधानाचार्य रश्मि अस्थाना, डा. गीता अस्थाना व प्रतिमा गंगवार समेत अन्य शिक्षिकाएं व छात्राएं मौजूद रहीं।

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