कानपुर में महिला को पति ने फोन पर दिया तीन तलाक

संक्षेप:

  • कानपुर में तीन तलाक का मामला आया सामने
  • पीड़िता ने दर्ज कराया मुकदमा
  • पुलिस ने शुरू की पड़ताल

कानपुर: कानपुर में एक नवविवाहिता मुस्लिम युवती को उसके शौहर द्वारा फोन पर तीन तलाक देने का मामला सामने आया है। पुलिस ने युवती की शिकायत दर्ज कर मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।

केन्द्र सरकार द्वारा बनाये गये कानून और सुप्रीम कोर्ट की दिशा-निर्देश को कानपुर के मोहम्मद शारिक ने चुनौती दी है। उसने अपनी पत्नी सुमैरा को फोन पर एक बार में तीन बार तलाक बोलकर उसे अपने दाम्पत्य जीवन से बेदखल कर दिया है। लेकिन सुमैरा को कानून से मिले अपने अधिकार पूरी तरह मालूम हैं और वो इनका इस्तेमाल करने निकल पड़ी है। सुमैरा ने शौहर शारिक के खिलाफ पनकी थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया है।

पनकी काशीराम आवास योजना में रहने वाली सुमैरा का निकाह इसी साल मार्च में बाबूपुरवा निवासी शारिक से हुआ था। निकाह में दो लाख खर्च हुए थे। बावजूद इसके शौहर दहेज में बाइक और एक लाख नगद की मांग लेकर सुमैरा को सता रहा था। कुछ दिन पहले चार माह की गर्भवती सुमैरा को ससुराल से निकाल दिया गया तो वो मायके आकर रहने लगी।

ये भी पढ़े : कश्‍मीर में पाबंदी: CJI रंजन गोगोई बोले-'मामला गंभीर मैं खुद श्रीनगर जाऊंगा'


सुमैरा के मायके वाले शारिक को मनाने की कोशिशे करते रहे लेकिन इस सप्ताह शारिक ने फोन करके सुमैरा को तीन तलाक बोल दिया। तीन बार बोला गया यह एक लफ्ज सुमैरा के कानों में पिघले शीशे की तरह गया लेकिन कल उसने साहस दिखाकर कानून की मदद लेने का फैसला किया और पति के खिलाफ थाने में अर्जी दे दी।

पुलिस ने शारिक के खिलाफ इण्डियन पीनल कोड की दहेज उत्पीड़न की दफाओं के तहत मुकदमा कायम कर लिया है और तीन तलाक के तहत दफाएं लगाने के लिये अपने लीगल सेल से राय मांगी हैं।

आपको बता दें कि तीन तलाक पर कानून बनने के बाद फोन पर दिये गये तलाक का कानपुर में यह पहला मामला है। इसलिये पुलिस अभियोजन अधिकारियों की सलाह से आगे बढ़ना चाहती है। सुमैरा को पूरी उम्मीद है कि कानून उसका साथ देगा और उसके पेट में चार माह का बच्चा छोड़कर उसे त्यागने वाले पति को सजा जरूर मिलेगी।

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

Read more Kanpur News In Hindi here. देशभर की सारी ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए
NYOOOZ HINDI को सब्सक्राइब करें |

Related Articles