कानपुर: ऑक्सीज़न की कमी गर्भवतियों के लिए खतरा, पैदा होने से पहले मर रहे शिशु

संक्षेप:

  • गर्भवतियों को ऑक्सीज़न का खतरा
  • कम ऑक्सीज़न से कोख में मरे बच्चे
  • बढ़ रहे गर्भवतियों की मौत के मामले

कानपुर । इस साल के कोरोना संक्रमण ने लगभग हर वर्ग के व्यक्ति को निशाना बनाया है. लेकिन अब इसमें एक और वर्ग जुड़ गया है, वह है गर्भवती महिला. जी हां कोरोना के नए स्ट्रेन का संक्रमण गर्भवती महिला और उसके गर्भस्थ शिशु के लिए घातक हो रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि 90 फीसदी के नीचे ऑक्सीजन लेवल आने पर कोख का शिशु मर जाता है। इसके बाद गर्भवती की मौत भी हो जाती है।
 
चार गर्भवती महिलाओं की मौत हो चुकी

हैलट के मैटरनिटी विंग कोविड हॉस्पिटल में हाल ही में चार गर्भवती महिलाओं की मौत हो चुकी है। इसके अलावा जच्चा-बच्चा अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को ऑक्सीजन पर रखा गया है। जच्चा-बच्चा अस्पताल की कोविड नोडल अधिकारी डॉ. सीमा द्विवेदी ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर में अभी तक 200 महिलाएं आई हैं।

ऑक्सीजन लेवल 90 के नीचे आते ही स्थिति गंभीर
 
डॉ. सीमा द्विवेदी ने बताया कि दिक्कत उन्हीं गर्भवती महिलाओं में आ रही है जिन्हें वेंटिलेटर की जरूरत पड़ती है। ऑक्सीजन लेवल 90 के नीचे आते ही गंभीर स्थिति हो जाती है। सबसे पहले गर्भस्थ शिशु पर खतरा आता है।

ये भी पढ़े : उत्तराखंड: दिल्ली के नवनिर्माण में आईआईटी रुड़की तैयार करेगा मास्टर प्लान, डीडीए के साथ हुआ करार


If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

Read more Kanpur की अन्य ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें और अन्य राज्यों या अपने शहरों की सभी ख़बरें हिन्दी में पढ़ने के लिए NYOOOZ Hindi को सब्सक्राइब करें।

Related Articles