सोफिया बोली इंडिया को ईरान बनाने में तुला बोर्ड, शरियत कोर्ट में होगा महिलाओं का उत्पीड़न

कानपुर। देश में मुसलमानों का सबसे बड़ा संगठन अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड अब इस्लामी कानूनों के अनुरूप मुद्दों को हल करने के लिए देश के सभी जिलों में दारुल-कजा यानी शरीयत अदालत खोलने की योजना बना रहा है।

इस प्रस्ताव को चर्चा के लिए 15 जुलाई को दिल्ली में होने वाली मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक में पेश किया जाएगा।

बोर्ड के इस कदम की देश भर में विरोध शुरू हो गया है।

भाजपा नगर अध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी ने कहा कि देश सविधान से चलता है, न कि शरियत से।

बोर्ड का यह निर्णय निंदनीय है और भाजपा इसे कामयाब नहीं होने देगी।

वहीं यूपी अल्पसंख्यक बोर्ड की सदस्य सोफिया अली ने कहा कि देश के मौलवी शरियत के तहत नहीं चलते।

शरियत में त्रिपल तलाक, हलाला और महिला उत्पीड़न की जगह नहीं है बावजूद बोर्ड के सदस्य आधीआबादी के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ चुप बैठा है।

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