कानपुर में पाबंदी के बावजूद निकाला जुलूस, रोकने पर किया हंगामा

संक्षेप:

  • कोविड प्रोटोकॉल के तहत जुलूस निकालने पर पाबंदी लगी थी।
  • पाबंदी के बावजूद जुुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला।
  • पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो लोगों ने किया हंगामा।

कानपुर- कानपुर में पाबंदी के बावजूद मंगलवार को पैगंबर-ए-इस्लाम की यौम-ए-पैदाइश बारह रबीउल अव्वल पर जुुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। जुलूस का किसी ने नेतृत्व नहीं किया। जुलूस निकलने से पहले सद्भावना चौकी के पास पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो लोगों ने हंगामा किया। भीड़ को रोकने के पुलिस प्रशासन, काजी-उलेमा की अपीलें बेअसर रहीं। पुलिस के इंतजाम भी फेल साबित हुए।कोविड प्रोटोकॉल के तहत जुलूस आदि निकालने पर पाबंदी लगाई गई है। पुलिस कमिश्नर ने भी धर्म गुरुओं से बातचीत कर जुलूस न निकालने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद मंगलवार दोपहर बाद अलग-अलग इलाकों से जुलूस निकला। सैकड़ों लोग यतीमखाना से लेकर सद्भावना चौकी तक इकट्ठा हो गए। दूसरी तरफ हलीम मुस्लिम कॉलेज के पास भी एक जुलूस के लिए लोग जुटे। सद्भावना चौकी पर एडीसीपी पूर्वी सोमेंद्र मीणा, डीसीपी पश्चिम, एसीपी अनवरगंज मोहम्मद अकमल खान ने जुलूस को रोका तो हंगामा होने लगा।

पुलिस कुछ ही देर में बेबस हो गई और जुलूस को जाने दिया। युवाओं और किशोरों की टोली का सबसे पहला जुुलूस चमनगंज थाने के पास से निकाला गया। कई टोलियां मिलकर बड़ा जुलूस हो गया। यह चमनगंज के मोहम्मद अली पार्क, हलीम कॉलेज चौराहा, आलम मार्केट, बांसमंडी, लाटूश रोड, मूलगंज, मेस्टन रोड, शिवाला, पटकापुर, रामनारायण बाजार होता हुआ फूलबाग पहुंचकर शाम को खत्म हुआ।

घर जाने के लिए शहर काजियों से कराई अपील
जुलूस-ए-मोहम्मदी फूलबाग पहुंचा तो पुलिस अधिकारियों ने शहर काजियों से जुलूस खत्म करने की अपीलें कराईं। कहा कि जुलूस-ए-मोहम्मदी परंपरागत तौर पर फूलबाग मैदान में नमाज के बाद खत्म होता था। इस बार जुलूस का नेतृत्व किसी भी उलेमा या तंजीम, अंजुमन ने नहीं किया। इसलिए नमाज भी नहीं पढ़ाई गई। शहरकाजी हाफिज मामूर अहमद, मुफ्ती साकिब अदीब और कारी नदीम ने पुलिस के माइक से जुुलूस में शामिल लोगों से वापस जाने को कहा। 

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पुलिस ने रोकने के बजाय गुजरने दिया जुलूस-ए-मोहम्मदी
जुलूस-ए-मोहम्मदी की अनुमति न होने पर उलेमा व शहरकाजियों ने पहले जुलूस न निकालने की अपील की थी लेकिन उनकी अपील नहीं मानी गई। जब जुलूस अलग-अलग इलाकों से निकलकर सामूहिक होने लगा तो पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोकने के बजाय निकलने दिया। पुलिस की तरफ से रोक-टोक न होने से जुलूस में शामिल लोग पैगंबर-ए-इस्लाम की शान में नारे लगाते हुए शांतिपूर्वक फूलबाग तक पहुंचे।

शांतिपूर्ण निकला जुलूस 
शहरकाजी हाफिज अब्दुल कुद्दूस हादी ने बताया कि जुलूस की अनुमति के बिना लोग जो निकले, उसमें ज्यादातर बच्चे थे। लेकिन जुलूस बड़ा हुआ तो लोग शामिल हो गए। इसमें पुलिस ने समझदारी दिखाई और कोई रोक-टोक न कर शांतिपूर्वक जुलूस गुजरने दिया। पैगंबर-ए-इस्लाम की मुहब्बत में अनुमति न मिलने के बाद भी जुलूस में शामिल होने वाले भी बधाई के पात्र हैं कि जुलूस में किसी भी तरह की अशांति नहीं होने दी। वे लोग भी मुबारकबाद के हकदार हैं, जो उलेमा की अपील मानकर जुलूस में शामिल नहीं हुए।

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