सवालों के घेरे में Kanpur Police का एक और एनकाउंटर, जानिए कारण

संक्षेप:

  • एक और एनकाउण्टर सवालों के घेरे में
  • गोली मारने के बाद एक गिरफ्तार
  • एक फरार

कानपुर: कानपुर पुलिस का एक और एनकाउण्टर सवालों के घेरे में आ गया है। आज तड़के सीसामउ इलाके में पुलिस ने अमरदीप उर्फ माईकल थापा को सशस्त्र मुठभेड़ में गोली मारने के बाद गिरफ्तार किया है। माईकल थापा पर सोलह अपराधिक मुकदमें कायम हैं। उधर कल हुए शोएब के कथित फर्जी एनकाउण्टर की तरह आज भी बदमाश  माईकल की पत्नी ने आरोप लगया है कि पुलिस उसके पति को घर से उठाकर ले गयी थी और रात के अन्धेरे में गोली मार दी।

पुलिस एनकाउण्टर में गोली खाये इस बदमाश को इलाज के लिये एलएलआर अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहाॅ डाक्टरों ने आपरेशन करके उसके पैर में लगी पुलिस की गोली निकाल दी है। लेकिन इस गोली पर पेंच फॅस गया है। पुलिस का दावा है कि आज सवेरे चार बजे उनकी पेटोलिंग टीम गश्त पर थी तभी बाईक पर दो संदिग्ध लोग दिखायी पड़े, उन्हें रोका गया तो उन्होने पुलिस पर फायरिंग शुरू की दी। पुलिस ने जवाबी फायर किया तो एक बदमाश भाग गया लेकिन दूसरा गोली खाकर गिर पड़ा।

गौर किया जाय तो पुलिस इस कहानी में कई पेंच भी है। पहला कि सीसामउ थाने की पुलिस से बदमाशों से मुठभेड़ अचानक होती है तो बजरिया थाने की पुलिस शक्तिमान की तरह उड़ती हुई वहाॅ कैसे पहुॅच जाती है। दूसरा कि सीसामउ सर्किल के डिप्टी एसपी जनार्दन दुबे आज अवकाश पर हैं और उनका चार्ज स्वरूप नगर सर्किल के डिप्टी एसपी के पास है तो ऐसी क्या वजह रही कि उनका ऑफिसियल बयान मोबाइल फोन पर रिकार्ड करके पुलिस के मीडिया व्हाट्स एप ग्रुप पर जारी किया गया। वैकल्पिक चार्ज संभालने वाले डिप्टी एसपी मीडिया के सवालों का जवाब देने के लिये सामने क्यों नहीं आये। उधर पकडा गया बदमाश अमरदीप उर्फ माईकल थापा और उसके परिवारवाले भी पुलिस एनकाउण्टर पर उॅगली उठा रहे हैं।

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एक बात तो सही है कि पिछले सभी एनकाउण्टर में जितने भी बदमाशों को गोली मारी गयी है, सभी का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है लेकिन हर एनकाउण्टर में एक बदमाश का भाग जाना और दूसरे के पैर पर ही गोली लगना, क्या कुछ ज्यादा फिल्मी पटकथा की तरह नहीं हो रहा है।

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