प्रो. रामगोपाल यादव ने कहा था 'पुलवामा में वोट के लिए जवान मार दिए गए', कोर्ट पहुंचा मामला

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव द्वारा केंद्र सरकार के खिलाफ की गई टिप्पणी को राष्ट्रदोह करार देते हुए एक अधिवक्ता ने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए स्पेशल सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया है। विज्ञापन कोर्ट ने इसे प्रकीर्ण वाद (कोर्ट द्वारा संज्ञान में लेते हुए) के रूप में दर्ज करते हुए सुनवाई के लिए 10 अप्रैल की तारीख दी है।

बहस सुनने के बाद कोर्ट तय करेगी कि मुकदमा दर्ज किया जाना है या नहीं। बर्रा-7 निवासी अधिवक्ता रविकांत ने एक समाचार पत्र में छपी खबर को आधार बनाते हुए बर्रा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया।   केंद्र में सरकार बदलेगी तो मामले की जांच कराई जाएगी तो इसमें बड़े-बड़े लोग फंसेंगे’ इसमें कहा गया कि 23 मार्च को सैफई में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान प्रो. रामगोपाल ने केंद्र सरकार पर टिप्पणी की थी कि ‘पुलवामा में वोट के लिए जवान मार दिए गए।

जब केंद्र में सरकार बदलेगी तो मामले की जांच कराई जाएगी।

इसमें बड़े-बड़े लोग फंसेंगे’। रविकांत के अधिवक्ता आनंद शंकर जायसवाल ने तर्क दिया है कि सीआरपीएफ जवानों से भरी बस पर हुए हमले के बाद केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) से जांच कराई थी, जिसने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को हमले का जिम्मेदार ठहराया था।

राष्ट्रहित के मद्देनजर इस गोपनीय रिपोर्ट पर सवाल उठाना राष्ट्रद्रोह के दायरे में आता है।  विज्ञापन आगे पढ़ें केंद्र में सरकार बदलेगी तो मामले की जांच कराई जाएगी तो इसमें बड़े-बड़े लोग फंसेंगे’ .ad-600 {width: 600px;text-align: center;} .ad-600 .vigyapan{background:none} विज्ञापन if(typeof is_mobile !='undefined' && !is_mobile()){ googletag.cmd.push(function() { googletag.display('div-gpt-ad-1544182959779-0'); });} इसमें कहा गया कि 23 मार्च को सैफई में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान प्रो. रामगोपाल ने केंद्र सरकार पर टिप्पणी की थी कि ‘पुलवामा में वोट के लिए जवान मार दिए गए।

जब केंद्र में सरकार बदलेगी तो मामले की जांच कराई जाएगी।

इसमें बड़े-बड़े लोग फंसेंगे’। रविकांत के अधिवक्ता आनंद शंकर जायसवाल ने तर्क दिया है कि सीआरपीएफ जवानों से भरी बस पर हुए हमले के बाद केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) से जांच कराई थी, जिसने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को हमले का जिम्मेदार ठहराया था।

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