बिकरु कांड:अपराधी विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे ने मुकदमा खत्म करने के लिए दायर की याचिका, HC ने UP सरकार से मांगा जवाब

संक्षेप:

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में बिकरु कांड में मारे गए अपराधी विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे के खिलाफ कानपुर पुलिस द्वारा दर्ज किया गए मुकदमें को लेकर रिचा दुबे ने हाईकोर्ट की शरण ली है। रिचा ने उनके ऊपर दर्ज मुकदमें को खत्म किए जाने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दायर किया है। उनकी याचिका की बृहस्पतिवार को सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से 4 हफ्ते के अंदर मुकदमें से संबंधित जवाब देने के निर्देश दिए हैं।

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में बिकरु कांड में मारे गए अपराधी विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे के खिलाफ कानपुर पुलिस द्वारा दर्ज किया गए मुकदमें को लेकर रिचा दुबे ने हाईकोर्ट की शरण ली है। रिचा ने उनके ऊपर दर्ज मुकदमें को खत्म किए जाने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दायर किया है। उनकी याचिका की बृहस्पतिवार को सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से 4 हफ्ते के अंदर मुकदमें से संबंधित जवाब देने के निर्देश दिए हैं।

अपराधी विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में उनके ऊपर दर्ज मुकदमे को गलत बताते हुए मुकदमा रद्द किए जाने को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है। इसमें उनके अधिवक्ता प्रभाशंकर मिश्र के द्वारा कहा गया है कि कानपुर पुलिस के द्वारा पुलिस ने धोखाधड़ी और कूट रचित दस्तावेजों व दूसरे के नाम का मोबाइल फोन नंबर आपराधिक कार्यों के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। जबकि यह सारे आरोप निराधार है और जिस व्यक्ति के नाम पर मोबाइल नंबर दर्ज है उस व्यक्ति ने ना ही तो कोई आपत्ति दर्ज कराई है और ना ही मुकदमा दर्ज करने के लिए कोई तहरीर दी है।

कहा गया है कि ऐसा करने का अधिकार सिर्फ और सिर्फ उस ही व्यक्ति को है जिस व्यक्ति के नाम के नंबर का इस्तेमाल रिचा दुबे कर रही थी। पुलिस ने बिना किसी अधिकार के और द्वेष भावना बस मुकदमा पुलिस ने अपनी तरफ से दर्ज कराएं है जो कि नियमों के विरुद्ध है। इसलिए ना तो रिचा दुबे के ऊपर कोई भी धोखाधड़ी का कोई मामला नहीं बनता है और न ही पुलिस को मुकदमा दर्ज कराने का अधिकार है।

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सरकार ने 4 हफ्ते का दिया समय

याचिका की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट में मौजूद अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल को याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर और न्यायमूर्ति दीपक वर्मा की पीठ ने पूरे मामले को सुनने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार के अधिवक्ता को निर्देशित करते हुए कहा है कि 4 हफ्ते के अंदर जवाब दाखिल करेंं। गौरतलब है कि बिकरू कांड में फर्जी दस्तावेजों पर लिए गए सिम और शस्त्र लाइसेंसों धारकों के विरूद्ध कानपुर पुलिस ने एसआईटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा पंजीकृत किया था।जिसमे फर्जी दस्तावेज के आधार पर सिम कार्ड लेनेेे के मामले में 9 लोगों पर थाना चौबेपुर में 19 नवंबर को देर रात एक मुकदमा पंजीकृत हुआ था।जिसमें अपराधी विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे पर भी चौबेपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।

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