11 साल की पूजा ने किया ऐसा काम, पूरे यूपी के लोग करेंगे गर्व

संक्षेप:

  • कानपुर की मुफलिस पूजा की कहानी
  • ताइक्वांडो प्रतियोगिता में करेगी प्रदेश का प्रतिनिधित्व 
  • पूरे परिवार में खुशी का माहौल

कानपुर: "आया है इक राह-नुमा के इस्तकबाल को एक बच्चा है, पेट है खाली आंख में हसरत और हाथों में गुलदस्ता है" किसी शायर की यह रचना कानपुर की मुफलिस पूजा पर सटीक बैठती हैं। अभावों में पली 11 वर्षीय पूजा तेलंगाना में आयोजित ताइक्वांडो प्रतियोगिता में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेगी। झोपड़ी में गुजर बसर करने वाली पूजा की इस कामयाबी पर पूरे परिवार में खुशी का माहौल है।

 कानपुर के परमट स्थित विश्वप्रसिद्ध आनंदेश्वर मन्दिर के पास बनी इस झोपड़ी में पूजा अपने परिवार के साथ रहती है। कक्षा चार की छात्रा पूजा के पिता चाय की दुकान चलाकर परिवार का पालन पोषण करते हैं । उनकी दो बेटी और एक बेटे में पूजा सबसे छोटी है। पूजा को आज ताइक्वांडो चैंपियन के रूप में पहचाना जाता है ।

ग्रीन पार्क में कराटे की ट्रेनिंग के दौरान उसने तमाम गोल्ड मेडल अपने नाम किये । इन गोल्ड मेडल्स को लेकर वह और उसका परिवार तो खुश है लेकिन मन में मुफलिसी की टीस बार बार उनको परेशान करती है । लोग जहां बेटियों को अभिशाप मानते हैं वहीं पूजा के माता पिता उसे वरदान मानते हैं। पूजा को भी खुद के बेटी होने पर गर्व है। पूजा गर्व के साथ कहती है कि बड़े होकर वो पुलिस अधिकारी बनेगी और चोर बदमाशों के छक्के छुड़ा देगी।

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तीन बच्चों के साथ झोपड़ी में जीवन गुजारकर पूजा के पिता सभी को अच्छी तालीम देने में प्रयासरत हैं। पूजा के पिता सतीश कुमार जब चाय बनाते है तो पूजा उनका पूरा सहयोग करती है। मुफलिसी में बच्चों को ऊंचाइयों पर पहुंचाने में प्रयासरत पिता को सरकार से इतना ही मलाल है कि तमाम प्रयासों के बाद भी उनको और बच्चों को एक छत मयस्सर नहीं है।  आलम यह है कि वह पूजा को उसकी जरूरत के मुताबिक खुराक भी मुहैया कराने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

पूजा के कोच ने इस प्रतिभा को निखारने के लिए हर सम्भव प्रयास किया। पूजा की मेहनत और कोच की निगहबानी के चलते ही पूजा आज इस मुकाम पर पहुंची है। पूजा के कोच सुशांत बताते है की वो बहुत अच्छा खेल रही है उसकी यह अभी शुरुआत है वो अगर और मेहनत करेगी तो आगे चलकर यह मैडल लाएगी तो इंडिया टीम में इसका सेलेक्शन हो सकता है। हैदराबाद के तेलंगाना में आयोजित 38 सब जूनियर ताइक्वांडो चैम्पयनशिप में पूजा 22 वे भार वर्ग में खेलेगी और पूरी उम्मीद है कि वह इसमें गोल्ड लाएगी।

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