महिलाओं के सुपोषिण के मिशन पर सुमन, अभियान चलाकर आठ किशोरियों व सात गर्भवतियों को किया एनीमिया मुक्त

संक्षेप:

  • आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुमन ने कुपोषण के खिलाफ छेड़ी जंग।
  • अभियान चलाकर घर-घर पोषण का पैगाम पहुंचाती है सुमन।
  • आठ किशोरियों व सात गर्भवतियों को किया एनीमिया मुक्त।

कानपुर. दिल में कुछ कर गुजरने का जज्बा और इरादा पक्का हो तो कोई भी लक्ष्य नामुमकिन नहीं है। अछल्दा ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुमन चतुर्वेदी इसकी बानगी हैं। कुपोषण के खिलाफ छिड़ी जंग को जीतने के उनके जज्बे का ही नतीजा रहा कि पांच कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाकर उनके चेहरे पर मुस्कान बिखेरने में वह कामयाब रहीं।

जुलाई माह में चले संभव अभियान में गांव की आठ किशोरियों व सात गर्भवतियों को एनीमिया से बचाने में अहम भूमिका अदा की। 01 मार्च, 2005 को सुमन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद पर तैनात हुईं थीं। घर-घर जाकर महिलाओं को उनके बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना शुरू कर दिया। तीन से छह वर्ष तक के सभी बच्चों को आंगनबाड़ी भेजने के लिए प्रेरित किया।

इस साल यहां 106 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें शून्य से छह माह के 11, छह माह से तीन साल तक के 55  और तीन वर्ष से पांच साल तक के 40 बच्चे शामिल हैं। 17 महिलाएं गर्भवती हैं। लगातार पौष्टिक आहार, नियमित टीकाकरण और समय-समय पर वजन व जांच से पांच बच्चे सामान्य श्रेणी में आ चुके हैं। केंद्र पर महिलाओं को बुलाकर पोषण व आयोडीनयुक्त भोजन के बारे में बताती हैं। बच्चों को साफ-सफाई रखने के साथ खुद भी भोजन बनाने या खाने से पहले हाथ धोने के तरीके सिखा रही हैं।

ये भी पढ़े : नोएडा में सेक्टर तीन स्थित एक फैक्टरी में लगी आग, दमकल की 14 गाड़ियां कर रही आग बुझाने की मशक्कत


वजन दिवस पर बच्चों को लाते हैं अभिभावक

सुमन ने बताया कि उन्होंने शुरूआत में जब गांव का सर्वे किया, तो पाया कि लोग सरकार द्वारा चलाई जा रही आंगनबाड़ी योजना के बारे में कुछ खास नहीं जानते। उन्हें सिर्फ इतना पता है कि यह पंजीरी बांटने की योजना है। सुमन ने लोगों को आईसीडीएस विभाग के बारे में बताया। इसमें चल रहे कार्यक्रम और गतिविधियों की जानकारी दी। उनका कहना है कि अब वजन दिवस पर लोग खुद बच्चे को लेकर आने लगे हैं। बच्चों के वजन और श्रेणी में बदलाव के बारे में जानने के लिए उत्सुकता दिखाते हैं।

यह भी हैं उपलब्धियां

जिला कार्यक्रम अधिकारी शरद अवस्थी बताते हैं कि सुमन को वर्ष 2021 में उत्तर प्रदेश समाज रत्न सम्मान प्राप्त हुआ। वर्ष 2016 से वर्ष 2019 तक स्वच्छ भारत मिशन में भी वालंटियर के रूप में काम कर पहली पंचायत जलालपुर-फफूंद ओडीएफ करवाई।

इसके लिए पूरे उत्तर प्रदेश में 12 महिला चैंपियन में औरैया जनपद से इन्हें चुनकर सम्मानित भी किया गया। कोविड काल में स्वयं मास्क सिलकर आंगनबाड़ी केंद्रों पर जाकर बच्चों को मास्क निशुल्क वितरण किए। कोरोना काल में अनाथ हुए 10 बच्चों को बाल सेवा योजना के तहत लाभान्वित भी कराया।

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

Read more Kanpur की अन्य ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें और अन्य राज्यों या अपने शहरों की सभी ख़बरें हिन्दी में पढ़ने के लिए NYOOOZ Hindi को सब्सक्राइब करें।

Related Articles