एससी-एसटी एक्ट का दुरुपयोग नहीं होने देगी सरकार: स्वामी प्रसाद मौर्य

संक्षेप:

  • श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद पहुंचे कानपुर
  • श्रमिकों की जनकल्याणकारी योजनाओं का हुआ शुभारम्भ
  • जानिए एससी-एसटी एक्ट को लेकर क्या कहा?

कानपुर: सरकार द्वारा श्रमिकों के जनकल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं का शुभारम्भ करने कानपुर पहुंचे श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किये। कानपुर के सेन्ट्रल पार्क में आयोजित श्रमिक चौपाल में स्वामी प्रसाद मौर्य ने श्रमिक योजनाओ के बारे में उनको अवगत कराया।

श्रम मंत्री ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बिचौलियों की भूमिका को समाप्त करने के लिए अब लाभार्थियों के खाते में आरटीजीएस माध्यम से पैसा ट्रांसफर किया जाएगा।

औद्योगिक नगरी कानपुर में श्रमिकों की जनकल्याणकारी योजनाओं का शुभारम्भ किया गया। श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कानपुर के दो स्थानों पर चौपाल लगाकर योजनाओं के बारे में बताया। चौपाल के माध्यम से श्रम मंत्री ने साफ कर दिया कि अब श्रमिकों की योजनाओं पर बिचौलिए डाका नहीं डाल पाएंगे, इसको रोकने के लिए अब लाभार्थियों के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से पैसा ट्रांसफर किया जाएगा।

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श्रम मंत्री का कहना है कि विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 2 करोड़ 78 लाख से अधिक योजनाओं का आज प्रमाण पत्र 1200  श्रमिकों को वितरित किया गया है। वहीं एससी-एसटी एक्ट पर श्रम मंत्री ने कहा कि जो इसका विरोध कर रहे हैं वो आपराधिक मानसिकता के लोग है यह नियम पहले से ही भारतीय संविधान में स्थापित है। बीच में कुछ ताकतों ने इसको प्रभावित करने का काम किया था जिसको प्रधानमंत्री ने उसकी दोबारा बहाली करके इस बात को बताया है कि जो लोग अनायास मारपीट करते हैं,  घरों में आग लगाते थे, बहन बेटियों पर बुरी नजर रखते थे, उनका मुकदमा दर्ज नहीं किया जाता है। दबंग लोग अपने तरीके से कानून को अपने हाथ में लेकर चलाते हैं उसपर तत्काल रोक लगनी चाहिए इसीलिए इस कानून को प्रभावी किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार एससी-एसटी एक्ट का दुरुपयोग नहीं होने देगी।

विपक्षी दलों द्वार एससी-एसटी एक्ट का विरोध करने पर श्रम मंत्री ने कहा की कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों का मानसिकता सड़ी-गली है यह लोग दलितों पर अत्याचार करनी के आदि है, वहीं लोग इसका विरोध कर रहे है लेकिन जो भाईचारे में विश्वास रखते हैं वो सभी लोग इसका स्वागत कर रहे हैं।

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