कानपुर प्रशासन द्वारा मदरसों का सर्वे शुरू, जिलाधिकारी को कागज नहीं दिखा पाए दो मदरसा संचालक, एक हफ्ते की दी मौहलत

संक्षेप:

  • कानपुर प्रशासन ने जिले में शुरू किया मदरसा सर्वे।
  • जिलाधिकारी को कागज नहीं दिखा पाए दो मदरसा संचालक।
  • एक मदरसा वक्फ संपत्ति व दूसरा मदरसा सोसाइटी की जमीन पर चलता मिला।

कानपुर. कानपुर में जिलाधिकारी विशाख जी द्वारा गठित अधिकारियों की टीम एक सप्ताह से मदरसों की जांच कर रही है। अब तक 41 मदरसे गैर पंजीकृत मिल चुके हैं। इसी के तहत सोमवार को एसडीएम सदर हिमांशु नागपाल ने जाजमऊ स्थित 2 मदरसों की जांच की। जिसमें एक मदरसा वक्फ संपत्ति और दूसरा मदरसा सोसाइटी की जमीन पर चलते मिला।

शिक्षक, शिक्षा व फंडिग समेत 12 बिंदुओं पर होगा सर्वे

दोनों मदरसे जिले की बड़े मदरसों से जाने जाते हैं। जिले में कुल 250 मदरसे पंजीकृत हैं। प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीमें बच्चों व शिक्षकों से लेकर फंडिग समेत 12 बिन्दुओं पर जांच कर रही है। जिसमें मदरसे का संचालन, स्थापना, कक्षाएं, पानी, फर्नीचर, शौचालय, शिक्षकों की संख्या, कोर्स आदि की रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।

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जिला प्रशासन को कागज नहीं दिखा पाए मदरसा संचालक

सोमवार को जिला अस्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पवन सिंह के साथ एसडीएम सदर भी जाजमऊ स्थित दारूल तालीम बसनात (टीडीएस) और मदरसा जामिया महमूदिया अशरुफ उलूस का सर्वे किया। जब वहां के शिक्षकों से जमीन के कागजात मांगे तो नहीं दिखा पाए। करीब 24 शिक्षक भी उपस्थित थे। मदरसा सोसाइटी की जमीन पर संचालित मिला। दूसरा जामिया मदरसा वक्फ संपत्ति पर संचालित मिला। मौके पर 150 बच्चे पढ़ते मिले। यहां 18 शिक्षक मौजूद मिले। जब मदरसे की जमीन के कागजात मांगे गए तो वो भी कोई कागजात नहीं दिखा पाए। टीम ने दोनों मदरसों के संचालकों से एक सप्ताह में जमीन के कागजात दिखाने के निर्देश दिए हैं।

250 मदरसों का किया जा रहा सर्वे

एसडीएम सदर हिमांशु नागपाल ने बताया कि शासन के निर्देश पर मदरसों का सर्वे चल रहा है। जिले में कुल 250 मदरसे हैं जिनका सर्वे किया जा रहा है। जिले के सभी मदरसों का सर्वे करने के बाद ही रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।

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