जेएनयू के छात्र पर लाठीचार्ज के खिलाफ वाम दल करेंगे प्रदर्शन

संक्षेप:

  • जेएनयू में फीस वृद्धि के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठी चार्ज, फीस वृद्धि, नई शिक्षा नीति के विरोध में वामपंथी दल प्रदर्शन करेंगे।
  • माकपा, भाकपा, भाकपा (माले लिबरेशन) के साथ आप, बसपा ने नई शिक्षा नीति और जेएनयू पर हमले को लेकर विरोध कर निंदा की
  • नेताओं ने कहा कि जेएनयू लड़ रहा है कि हर बच्चे को अच्छी और सस्ती शिक्षा का अधिकार मिले।

कोरबा: जेएनयू में फीस वृद्धि के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठी चार्ज, फीस वृद्धि, नई शिक्षा नीति के विरोध में वामपंथी दल प्रदर्शन करेंगे। घंटाघर ओपन ऑडिटोरियम स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा समक्ष तीन वामपंथी पार्टी माकपा, भाकपा, भाकपा (माले लिबरेशन) के साथ आप, बसपा ने नई शिक्षा नीति और जेएनयू पर हमले को लेकर विरोध कर निंदा की।

इस दौरान सभा को संबोधित करते हुए माकपा जिला सचिव प्रशांत झा ने कहा कि केंद्र की नई शिक्षा नीति का लुब्बे-लुआब यह है कि शिक्षा के क्षेत्र में सरकार अब कोई निवेश नहीं करेगी और पढ़ने-लिखने का पूरा खर्च बच्चों और उनके मां-बाप को ही उठाना पड़ेगा। शिक्षा के निजीकरण की जिन नीतियों पर यह सरकार चल रही है, यह उसका पूंजीवादी विस्तार ही है।

अन्य नेताओं ने कहा कि जेएनयू लड़ रहा है कि हर बच्चे को अच्छी और सस्ती शिक्षा का अधिकार मिले। जेएनयू में पढ़ रहे 30 फीसदी बच्चों के परिवारों की वार्षिक आय 30000 रुपयों से कम है। 70 फीसदी बच्चों के परिवारों की वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम है। गरीब परिवारों के बच्चे अपनी प्रतिभा के दम पर जेएनयू में प्रवेश करते हैं और देश का नाम रोशन करते हैं।

ये भी पढ़े : नहीं ले पाया कोई स्वर्गीय उपेंद्र दत्त शुक्ल की जगह, UP BJP की नई टीम में Gorakhpur मंडल से एक भी पदाधिकारी नहीं


भाकपा (माले लिबरेशन) के नेता बीएल नेताम ने कहा की छात्रों को शिक्षा मुफ्त मिलनी चाहिए। यह खैरात नहीं, देश के विकास के लिए निवेश है। विरोध प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधि मंडल ने एमएल रजक,बीएल नेताम, प्रशांत झा, सत्येन्द्र यादव, उमा नेताम, जवाहर कंवर के नेतृत्व में अजय कुमार उरांव डेपुटी कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

सभा को भाकपा के वरिष्ठ नेता हरिनाथ सिंह ने कहा कि मोदी सरकार एक ऐसी शिक्षा प्रणाली को लागू करना चाहती है, जो अपने चरित्र में ही एक बेहतर इंसान गढ़ने के शिक्षा के बुनियादी उद्देश्य के खिलाफ है। उद्देश्य की पूर्ति के लिए उन्हें सोचने-समझने, चिंतन-मनन करने वाले नागरिकों की जरूरत नहीं है। इसलिए वे शिक्षा का सार्वभौमिकीकरण नहीं, संकुचीकरण करना चाहते हैं। यह एक खतरनाक मनुवादी प्रोजेक्ट है, जो मानव सभ्यता से अर्जित हजारों सालों की बेहतरीन उपलब्धियों को मटियामेट करना चाहती है।

 

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

अन्य कोरबा न्यूज़ हिंदी में पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें | देशभर की सारी ताज़ा खबरें हिंदी में
पढ़ने के लिए NYOOOZ HINDI को सब्सक्राइब करें |