छेड़ख़ानी के मामले में एक साल बाद CWC के सदस्य के ख़िलाफ़ दर्ज हुई एफआइआर

संक्षेप:

  • महिला सहायक प्राध्यापक की शिकायत पर बाल कल्याण समिति के सदस्य दीपक साहू के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला पुलिस ने दर्ज किया है
  • 15 दिसंबर 2018 में एक सहायक प्राध्यापक ने सीएसपी कोरबा को लिखित तौर पर शिकायत की थी
  • महिला ने मोबाइल पर अशोभनीय बातें कर परेशान करने का आरोप लगया था

कोरबा: कॉलेज की एक महिला सहायक प्राध्यापक की शिकायत पर बाल कल्याण समिति के सदस्य दीपक साहू के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला पुलिस ने दर्ज किया है। पहले इस मामले में तात्कालीन सीएसपी की मध्यस्था से आपसी समझौता हो गया था और दीपक ने लिखित तौर पर माफीनामा भी दिया था। लेकिन करीब एक साल बाद इस मामले में फिर नया मोड़ आया और पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी।

15 दिसंबर 2018 में एक सहायक प्राध्यापक ने सीएसपी कोरबा को लिखित तौर पर शिकायत कर कहा था कि पांच-छह माह से दीपक साहू मोबाइल पर अशोभनीय बातें कर परेशान कर रहा है। मुझे शादी का प्रस्ताव देते हुए अपनी पत्नी व बच्चों को छोड़ देने की बात कहता है। महिला का दावा है कि उसने कई बार उसे बात करने से मना किया, पर वह मना करने पर आत्महत्या कर फंसा देने की धमकी देता रहा।

पीड़िता ने यह भी बताया था कि वह अपने पति से अलग रहती हूं और दीपक मेरे पति के साथ मिलकर मुझे प्रताड़ित कर रहा है। इस शिकायत के बाद तात्कालीन सीएसपी शेरबहादुर ने दोनों पक्षों में आपसी समझौता करा दिया था। लिखित तौर पर दीपक ने महिला से माफी मांगी थी। यह माफीनामा भी सोशल मीडिया में वायरल हुआ।

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इस बीच गुमनाम व्यक्ति ने उच्च स्तरीय शिकायत करते हुए यह सवाल उठाया कि यदि कोई व्यक्ति अपना अपराध स्वीकार कर लेता है तो भला समझौता कैसे हो सकता है। इसके बाद फिर मामले की जांच हुई और पुलिस ने इस मामले में 354 का अपराध पंजीबद्ध किया है।

दीपक ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि झूठे मामले में मुझे फंसाया गया है। पहले तो पारिवारिक संबंध थे, इस नाते बातचीत होती थी पर पिछले एक साल से बातचीत भी नहीं है।

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