दृष्टिहीन छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा देने के लिए अमेजॉन और एनएबी की अनूठी पहल

लखनऊ, 20 नवंबर (भाषा) दृष्टिहीन और दृष्टिबाधित बच्चों के जीवन में शिक्षा की नयी अलख जगाने और उन्हें दिलचस्प तरीके से तालीम देने के लिए उत्तर प्रदेश में एक अनूठी पहल की गई है।

अमेरिका की बहुराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी कंपनी अमेजॉन और देश में विभिन्न आयु वर्ग के दृष्टिहीन और दृष्टिबाधित छात्र-छात्राओं के शिक्षण की दिशा में काम कर रहे नेशनल एसोसिएशन फॉर ब्लाइंड (एनएबी) ने इस साल फरवरी में राजधानी लखनऊ के साथ-साथ गोरखपुर और बस्ती के 10 स्कूलों में ‘इको स्मार्ट स्पीकर’ के माध्यम से दृष्टिहीन बच्चों को शिक्षा देने की पायलट परियोजना शुरू की है।

इसकी सफलता के बाद अब दिसंबर से परियोजना को विस्तार देते हुए 10 जिलों के 100 से ज्यादा स्कूलों में इसे लागू करने की तैयारी है।

एनएबी के प्रबंधन ट्रस्टी और उत्तर प्रदेश इकाई के प्रमुख एस के सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि अमेजॉन की मदद से दृष्टिहीन और दृष्टिबाधित छात्र-छात्राओं के लिए इस साल फरवरी में शुरू की गई पायलट परियोजना को विस्तार देते हुए अगले महीने से 10 जिलों के 100 से ज्यादा स्कूलों में इसे लागू किया जाएगा।

उन्होंने दावा किया कि इससे 34 हजार से ज्यादा दिव्यांगों और सामान्य बच्चों को फायदा होगा।

सिंह ने बताया कि इस परियोजना का फायदा एनएबी द्वारा अपने समावेशी शिक्षा कार्यक्रम के तहत संचालित स्कूलों और ‘बचपन डे केयर’ केंद्रों पर पढ़ने वाले बच्चों को होगा।

उन्होंने कहा, “अमेजॉन ‘इको स्मार्ट स्पीकर’ के रूप में एलेक्सा की मौजूदगी से उत्पन्न कौतूहल के कारण कक्षाओं में बच्चों की उपस्थिति बढ़ी है।

उनमें ज्यादा सवाल पूछने की ललक पैदा हुई है।

बच्चों के अंदर मजेदार ढंग से पढ़ाई करने की इच्छा जगी है।”

सिंह ने बताया कि ‘इको स्मार्ट’ उपकरण खासतौर पर ऐसे लोगों के लिए बहुत मददगार साबित हुए हैं, जो दृष्टिहीन या दृष्टिबाधित हैं और जिन्हें चलने-फिरने में दिक्कत है।

उन्होंने कहा कि अमेजॉन और एनएबी का यह गठबंधन दिव्यांग बच्चों के लिए समान और समावेशी शिक्षा हासिल करने के तमाम दरवाजे खोलता है।

एलेक्सा अमेजॉन इंडिया के कंट्री मैनेजर दिलीप आर एस ने बताया, “देश में जब कोविड-19 महामारी अपने चरम पर थी तो हम लोगों ने सोचा कि दिव्यांग छात्र-छात्राओं को कुछ ‘इको स्मार्ट’ उपकरण देकर देखते हैं कि उन्हें इसका क्या फायदा मिल रहा है।

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