जानिए, किन चीजों पर कम हो सकती है GST की दरें!

संक्षेप:

  • रसोई में इस्तेमाल होने वाले गैस लाइटर हो सकते है सस्ते
  • ऑयल केक पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगाया जा सकता है
  • कमोडिटी की दरें पर अंतिम निर्णय करेगा जीएसटी परिषद

गृहणियों के लिए एक अच्छी खबर है, अब रसोई घरों में इस्तेमाल होने वाले गैस लाइटर सस्ते हो सकते हैं। दरअसल, जीएसटी परिषद इन कमोडिटी पर दरें कम किये जाने पर विचार कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, दो दर्जन से ज्यादा उत्पादों के मामले में गड़बड़ी पाए जाने के बाद परिषद ने दरों पर विचार करने का फैसला किया है। जिसको लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद अंतिम निर्णय करेगी। परिषद की अगली बैठक 9 सितंबर को हैदराबाद में होगी।

सूखी इमली पर जीएसटी मौजूदा 12 प्रतिशत से कम कर 5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया है। भूना हुआ चना के मामले में यही प्रस्ताव किया गया है। कस्टर्ड पाउडर पर जीएसटी मौजूदा 28 प्रतिशत के बजाए 18 प्रतिशत जबकि इडली, डोसा पाउडर पर 18 प्रतिशत के बजाए 12 प्रतिशत टैक्स लगाने का प्रस्ताव किया गया है.

ऑयल केक पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगाया जाएगा चाहे, इसका उपयोग कहीं भी हो। पशुओं के खिलाने में उपयोग होने पर आयल केक पर दर शून्य है। धूप और अन्य इसी प्रकार की वस्तुओं पर जीएसटी मौजूदा 12 प्रतिशत से कम कर 5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। इससे धूपबत्ती, अगरबात्ती के स्तर पर आ जाएगी जिसपर 5 प्रतिशत कर लगता है।

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हवन सामग्री पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगेगा जो अभी शून्य है। झाड़ू और सफाई ब्रश पर कोई कर नहीं लगाने का प्रस्ताव है जबकि अभी इस पर 5 प्रतिशत कर लगता है। मनका और ऐसी मालाओं पर भी 18 प्रतिशत के बजाए 5 प्रतिशत कर लगाने का प्रस्ताव है।

बताया जा रहा है कि जीएसटी के बाद टैक्स से बचने के लिये कुछ कंपनियों के अपने ब्रांड का पंजीकरण रद्द कराए जाने के मामले से निपटने के लिए फिटमेंट कमेटी ने जीएसटी परिषद के समक्ष पंजीकृत ब्रांड पर जीएसटी के लिए 15 मई 2017 को अंतिम तारीख रखने का प्रस्ताव किया है। इसके तहत, अगर इस तारीख के बाद ब्रांड का पंजीकरण रद्द कराया भी गया है तो उस पर टैक्स लगेगा।

आपको बता दें कि बिना ब्रांड वाले समानों को जीएसटी से छूट दी गयी है, जो अब तक ब्रांडेड और डिब्बाबंद खाद्य वस्तुओं पर 5 प्रतिशत कर लगता है, इसीलिए कई कंपनियों ने शुल्क से बचने के लिये अपने ब्रांड का पंजीकरण रद्द कराया है।

सूत्रों के मुताबिक, जीएसटी फिटमेंट कमेटी ने दो दर्जन से अधिक समानों के नई दर ढांचे को मंजूरी दी है और इस संदर्भ में प्रस्ताव निर्णय लेने वाले शीर्ष निकाय को भेजा है। जीएसटी परिषद की पांच अगस्त को हुई बैठक में इनमें से कुछ समानों पर लगने वाली दरों पर विचार किया और उनमें से कुछ के मामले में दरों में कमी किये जाने को मंजूरी दी। शेष वस्तुओं के बारे में नौ सितंबर को होने वाली अगली बैठक में विचार किया जाएगा। हालांकि सूत्रों ने यह नहीं बताया कि किन वस्तुओं पर कर की दरें कम की गयी हैं।

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