...जब 15 साल पहले अटल के सामने ऐसे ही खड़े हुए थे जेठमलानी...

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की हाई-प्रोफाइल सीट से बीजेपी प्रत्याशी राजनाथ सिंह को गठबंधन की तरफ से सपा प्रत्याशी पूनम सिन्हा टक्कर देंगी. इसी कड़ी में कांग्रेस ने आचार्य प्रमोद कृष्‍णम को चुनाव मैदान में उतारा है. कुछ ऐसी ही तस्वीर 2004 के चुनाव में देखने को मिली थी. जब देश के प्रसिद्ध वकील राम जेठमलानी ने लखनऊ सीट से वाजपेयी के खिलाफ चुनाव लड़ा था. उस दौरान कांग्रेस ने कोई प्रत्‍याशी नहीं उतारा था. लेकिन जेठमलानी 2.7 लाख वोटों से चुनाव हार गए थे. जेठमलानी को यूपीए का समर्थन हासिल था. अटलजी के निजी सचिव और दोस्त रहे शिवकुमार ने न्यूज18 से बातचीत में बताया कि 2004 के लोकसभा चुनाव के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी लखनऊ सीट से चुनाव लड़ रहे थे. उस दौरान उनके सामने वकील राम जेठमलानी चुनाव मैदान में थे. उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने 2004 में कोई प्रत्याशी नहीं उतारा था. शिवकुमार बताते हैं कि जब हम लोगों ने लखनऊ के मुस्लिम धर्म गुरुओं से बात की तो उन्होंने अटल जी को वोट करने का भरोसा दिया. शिवकुमार उस दौर को याद करते हुए शिवकुमार ने कहा कि लखनऊ में अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े लोग अटल जी के नाम पर वोट करते थे. यही वजह थी कि जेठमलानी 2.7 लाख वोटों से चुनाव हार गए. अटल जी के साथ साये की तरह रहने वाले शिवकुमार कहते हैं कि कुछ ऐसी ही तस्वीर 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान नजर आ रही है. गृहमंत्री राजनाथ सिंह पूर्व मंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि पूनम सिन्हा 18 अप्रैल को नामांकन करेंगी. वहीं लखनऊ से कांग्रेस उम्मीदवार आचार्य प्रमोद कृष्‍णम आज अपना नामांकन दाखिल करेंगे. उन्होंने कहा कि राजनाथ सिंह का सम्मान करता हूं, लेकिन जो राम के नहीं हुए वो राष्ट्र के क्या होंगे? राजनाथ सिंह के नामांकन पर निशाना साधते हुए प्रमोद कृष्‍णम ने कहा कि नामांकन में सरकार की धमक दिखाई गई. लंबे समय तक जाम लगा रहा. सपा प्रत्याशी पूनम सिन्हाLoading... (function(){var D=new Date(),d=document,b='body',ce='createElement',ac='appendChild',st='style',ds='display',n='none',gi='getElementById',lp=d.location.protocol,wp=lp.indexOf('http')==0?lp:'https:';var i=d[ce]('iframe');i[st][ds]=n;d[gi]('M370080ScriptRootC285148')[ac](i);try{var iw=i.contentWindow.document;iw.open();iw.writeln(''+'dy>'+'ml>');iw.close();var c=iw[b];}catch(e){var iw=d;var c=d[gi]('M370080ScriptRootC285148');}var dv=iw[ce]('div');dv.id='MG_ID';dv[st][ds]=n;dv.innerHTML=285148;c[ac](dv);var s=iw[ce]('script');s.async='async';s.defer='defer';s.charset='utf-8';s.src=wp+'//jsc.mgid.com/h/i/hindi.news18.com.285148.js?t='+D.getYear()+D.getMonth()+D.getUTCDate()+D.getUTCHours();c[ac](s);})();लखनऊ सीट पिछले दो दशक से बीजेपी का एक मजबूत गढ़ रही है. इस सीट पर कब्जे के लिए कांग्रेस समेत समाजवादी पार्टी और बसपा हमेशा से ही जोर-आजमाइश करती रही हैं. लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी की इस सीट को कब्जाने में कामयाब नहीं रहे. 2007 में अटल के राजनीति से संन्यास लेने के बाद इस सीट से 2009 में लालजी टंडन सांसद बने. उसके बाद 2014 में राजनाथ सिंह यहां से भारी मतों से जीते.निरहुआ के रोड शो में उमड़ी भारी भीड़, क्या अखिलेश के लिए मुश्किल होगी आजमगढ़ की लड़ाई?भोजपुरी स्टार निरहुआ ने बताया खुद की जान को खतरा, मिली Y+ श्रेणी की सुरक्षाएक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स ।

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