Article 370: यूपी-बिहार के लोगों का घाटी में हाल-बेहाल, न चार दिन से कुछ खाया है, न घर लौटने के पैसे

संक्षेप:

  • आर्टिकल 370 में संशोधन के बाद से कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती के बाद अब उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के हजारों गरीब लोग अब वापस अपने घर जाने के लिए मजबूर हैं.
  • हालात यह हैं कि ये लोग चार दिनों से भूखे प्यासे सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा कर के जम्मू पहुंच रहे हैं.
  • इनके पास इतने पैसे भी नहीं हैं कि अपने गांव तक जाने के लिए टिकट खरीद सकें.

नई दिल्ली: केंद्र की ओर से आर्टिकल 370 में संशोधन के बाद से कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती के बाद अब उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के हजारों गरीब लोग अब वापस अपने घर जाने के लिए मजबूर हैं. ये सभी वे लोग हैं जो यहां पर रहकर मजदूरी करते हैं और किसी तरह अपना परिवार चलाते हैं. लेकिन अब हालात यह हैं कि ये लोग चार दिनों से भूखे प्यासे सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा कर के जम्मू पहुंच रहे हैं और इनके पास इतने पैसे भी नहीं हैं कि अपने गांव तक जाने के लिए टिकट खरीद सकें.

नहीं दे रहे वेतन

इन लोगों ने बताया कि अब कश्मीरी लोगों ने इन्हें वेतन देने से भी मना कर दिया है. साथ ही सुरक्षा एजेंसियों और सेना की सख्ती के बाद इन सभी लोगों को उन्होंने काम से निकाल दिया है और अपने घर लौटने के लिए कह दिया है. इसके बाद अब इनके पास कोई चारा नहीं बचा है. न इनके पास अब रहने को वहां पर घर है और न ही ये लोग अब कश्मीर में सुरक्षित महसूस कर रहे हैं.

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न कोई बस, न टैंपो, पैदल आने को मजबूर

जम्मू रेलवे स्टेशन पहुंचे एक मजदूर जगदीश माथुर ने बताया कि हम श्रीनगर से आ रहे हैं, कई किलोमीटर की यात्रा पैदल की. बीच-बीच में आर्मी के ट्रकों में कुछ दूर की यात्रा की, लेकिन जेब में पैसे ही नहीं थे कि बस का किराया दे सकें. चार दिनों से ठीक से खाना भी नहीं खा सके हैं. माथुर ने बताया कि अब तो इतने पैसे भी नहीं हैं कि बिहार में स्थित अपने गांव का टिकट ले सकें लेकिन यहां पर रहने से अच्छा है किसी तरह से घर पहुंच जाएं.

सुरक्षा की भी गारंटी नहीं

इन लोगों का कहना है कि अब कश्मीर में रहना भी सुरक्षित नहीं लग रहा है. सुरजीत सिंह नाम के कारपेंटर ने बताया कि कश्मीर में सेना की सख्ती के बाद अब माहौल बदल गया है. यहां पर रहने की जगह अपने घर जाना ही सही है.

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