मायावती और अखिलेश के बीच एक घंटे चली बातचीत, Exit Poll पर दोनों ने साधी चुप्पी

संक्षेप:

  • समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव बसपा सुप्रीमो मायावती से मिलने उनके घर पहुंचे. 
  • कई एग्जिट पोल्स में बीजेपी को यूपी में बड़ी जीत दिखाई गई है, यानी गठबंधन को बड़ी हार मिलती दिख रही है.
  • एग्जिट पोल के पूर्वानुमान में एक बार फिर मोदी सरकार के आने की बात कही जा रही है. 

लखनऊ: लोकसभा चुनाव 2019 के चुनाव खत्म हो चुके हैं. अब 23 मई को नतीजे आएंगे. लेकिन उससे पहले उत्तर प्रदेश में सियासी गोलबंदी शुरू हो गई है. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव बसपा सुप्रीमो मायावती से मिलने उनके घर पहुंचे हैं. अखिलेश यादव लखनऊ के माल एवेन्यू में मायावती से मुलाकात कर रहे हैं. बता दें कि कई एग्जिट पोल्स में बीजेपी को यूपी में बड़ी जीत दिखाई गई है, यानी गठबंधन को बड़ी हार मिलती दिख रही है.

एग्जिट पोल के पूर्वानुमान में एक बार फिर मोदी सरकार के आने की बात कही जा रही है, लेकिन विपक्ष को अभी भी आस है कि एनडीए बहुमत से दूर रहेगा. इस स्थिति में गैर बीजेपी मोर्चे की सरकार बनाने के लिए विपक्ष की कवायद रविवार को भी जारी रही. जहां एक तरफ टीडीपी अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू लगातार विपक्ष के नेताओं से मिल रहे हैं, वहीं अखिलेश यादव ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो कांग्रेस को समर्थन दे सकते हैं.
रविवार को मीडिया से बातचीत में सपा अध्यक्ष ने कहा था कि गरीबों, किसानों, देश और भाईचारे की बात करने वाली पार्टियां 23 मई के बाद देश को नया पीएम देने के प्रयास में हैं. इसके लिए टीडीपी अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू सभी नेताओं से बात कर रहे हैं. जरूरत पड़ी तो कांग्रेस को समर्थन दिया जाएगा. अखिलेश ने दावा किया कि यूपी में महागठबंधन को सबसे ज्यादा सीटें मिलेंगी.

उधर बसपा सुप्रीमो मायावती के भी सोमवार को दिल्ली जाने की बात सामने आई. पता चला कि दिल्ली में वे कांग्रेस के नेताओं से मुलाकात कर एग्जिट पोल और 23 मई को आने वाले नतीजों को लेकर मायावती चर्चा कर सकती हैं.

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