सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना, कहा- किसानों को मवाली कहना देश का अपमान

संक्षेप:

  • सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र पर फिर बोला हमला
  • मीडियो समहों पर पड़े छापे की भी निंदा की
  • कहा- सरकार पत्रकारिता का सामना करे

लखनऊ- सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट किया है कि भाजपा के एक मंत्री द्वारा आंदोलनकारी किसानों को मवाली कहना मानसिक दिवालियापन है। यह देश की दो तिहाई जनसंख्या ही नहीं, बल्कि पूरे देश का अपमान है। उन्होंने कहा कि किसानों का उगाया अनाज खाना भाजपाई बंद कर दें।

यादव ने मीडिया समूहों पर आयकर विभाग की कार्रवाई की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं का दमन और अभिव्यक्ति की आजादी पर चोट असंविधानिक है। जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जो जनता की बात करते हुए सरकार की नाकामियों व सच्चाई को उजागर कर रहे हैं, उन्हें डराने के लिए ईडी जैसी अनेक जांच एजेंसियां दिल्ली और लखनऊ में सक्रिय हो गई हैं।

इससे ज्यादा भारत के लोकतंत्र के लिए कोई दुर्भाग्य नहीं हो सकता है, जहां सरकारी संस्थाएं जनता की आवाज दबा रही हैं। स्वस्थ लोकतंत्र में असहमति और नाराजगी सामने आनी चाहिए, लेकिन भाजपा सरकार अपने खिलाफ एक शब्द नहीं सुनना चाहती। पर, सरकार को याद रखना चाहिए कि समय आने पर जनता सरकार को हटाना भी जानती है।

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अखिल भारतीय कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव व उत्तर प्रदेश के सह प्रभारी धीरज गुर्जर ने समाचार पत्र और टीवी चैनल समूह पर आयकर विभाग की कार्रवाई को भाजपा सरकार द्वारा की गई बदले की भावना का नतीजा बताया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसी दमनात्मक कार्रवाई का विरोध सड़क से संसद तक करेगी। अगर भाजपा में हिम्मत है तो वह निष्पक्ष पत्रकारिता का सामना करते हुए अपनी जवाबदेही संविधान के अंतर्गत सुनिश्चित करे। भाजपा अपनी सरकार की विफलताओं से बौखलाकर राहुल गांधी से लेकर अनेक विपक्षी नेताओं सहित नौकरशाहों, अपनी ही सरकार के मंत्रियों की जासूसी कराकर सत्ता को नियंत्रित करने का पाप कर रही है।

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