कौन है योगी आदित्यनाथ का हमशक्ल जिसे लेकर घूम रहे हैं अखिलेश यादव!

संक्षेप:

  • अखिलेश यादव के साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हमशक्ल दिख चुका है.
  • अखिलेश यादव ने बुधवार को अपने चार्टर्ड प्लेन के भीतर की एक तस्वीर ट्विटर पर शेयर की.
  • जिसमें वो हू-ब-हू योगी आदित्यनाथ से मिलते-जुलते शख्स के साथ नाश्ता करते हुए दिखाई दे रहे हैं.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को अपने चार्टर्ड प्लेन के भीतर की एक तस्वीर ट्वीट की. जिसमें अखिलेश यादव भगवा वस्त्र पहने हुए एक शख्स के साथ नाश्ता करते हुए दिखाई दे रहे हैं. यह शख्स हू-ब-हू प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जैसा दिख रहा है.

लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान कई मौकों पर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हमशक्ल दिख चुका है. अखिलेश यादव ने बुधवार को अपने चार्टर्ड प्लेन के भीतर की एक तस्वीर ट्विटर पर शेयर की. जिसमें वो हू-ब-हू योगी आदित्यनाथ से मिलते-जुलते शख्स के साथ नाश्ता करते हुए दिखाई दे रहे हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि तस्वीर में दिख रहा शख्स क्या सचमुच में योगी आदित्यनाथ है? आखिर कौन है ये शख्स जो इन दिनों चार्टर्ड प्लेन से लेकर अखिलेश यादव के मंच पर हमसाए की तरह होता है. जब उन्होंने हमारे जाने के बाद मुख्यमंत्री आवास को गंगा जल से धोया था तब हमने भी तय कर लिया था कि हम उनको पूड़ी खिलाएँगे. अखिलेश यादव ने अपने ट्वीट में लिखा है कि " जब उन्होंने मेरा घर गंगा जल से धोया था तभी मैंने तय किया था कि मैं उन्हें पूड़ी खिलाऊंगा".

ये भी पढ़े : CM कमलनाथ ने लगाया BJP पर गंभीर आरोप, कहा- 'हमारे 10 विधायकों को दिया पैसे व पद का लालच'


योगी का हमशक्ल है तस्वीर में दिख रहा शख्स

तस्वीर में पूड़ी खाते हुए भगवा वस्त्र पहने जो शख्स दिख रहा है वो सीएम योगी आदित्यनाथ का हमशक्ल है. उनका असली नाम सुरेश ठाकुर है. वह लखनऊ के कैंट इलाके के रहने वाले हैं और बौद्ध धर्म के अनुयायी हैं. वह सीएम योगी की तरह भगवा वस्त्र और कानों में कुंडल पहनते हैं. नख से लेकर शिखा तक सुरेश ठाकुर का पहनावा योगी आदित्यनाथ के वेषधारी की कॉपी लगता है.

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

Read more Lucknow Hindi News here. देशभर की सारी ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए NYOOOZ HINDI को सब्सक्राइब करें |

Related Articles