Analysis: 'बाहुबलियों' के सहारे पूर्वांचल के लिए BSP का यह बड़ा प्लान!

2019 लोकसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने पूर्वांचल के 'बाहुबलियों' को चुनाव मैदान में उतारा है. लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक रतन मणि लाल ने न्यूज18 से बातचीत में बताया कि बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने जो पहले प्रत्याशियों की लिस्ट जारी की थी, उसमें उन्होंने जाति, धर्म, क्षेत्र और अन्य पार्टियों से आए हुए दलबदलू नेताओं के फार्मूले पर अध्ययन किया था. बीएसपी पूर्वांचल की ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतना चाहती है, क्योंकि इन बाहुबली नेताओं का दबदबा आसपास के जिलों में है. रतन मणि लाल कहते हैं कि बीएसपी अब उस रणनीति पर काम करना चाहती है, जिसे अन्य राजनैतिक पार्टियों ने इस्तेमाल नहीं किया हो. इसी कड़ी में बसपा ने अपनी तीसरी लिस्ट में पूर्वांचल के 'बाहुबली नेताओं को शामिल किया है. लाल ने बताया कि पहले चरण के मतदान के बाद मायावती ने फीडबैक लेकर अपनी रणनीति बदली है. राजनीतिक विश्लेषक के मुताबिक भले ही जातिवार टिकटों का आंकड़ा देखें तो ऐसा लगेगा कि बसपा सुप्रीमो मायावती ने सबसे ज्यादा टिकट दलितों को दिए हैं. लेकिन बंटवारे का असली गणित समझेंगे तो ये साफ हो जाएगा कि बीएसपी की लिस्ट में ब्राह्मण सबसे ज्यादा फायदे में रहे हैं. शनिवार को बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने उत्तर प्रदेश के लिए अपने प्रत्याशियों की लिस्ट में पूर्वांचल के 'बाहुबलियों' को जगह दी है. इसी कड़ी में मायावती ने माफिया डॉन मुख़्तार अंसारी के भाई अफजाल अंसारी को गाजीपुर से केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा के खिलाफ मैदान में उतारा है. अफजाल यहां से एक बार सांसद रह चुके हैं. वहीं संतकबीर नगर से पूर्वांचल के बड़े माफिया पूर्व मंत्री हरिशंकर तिवारी के बेटे भीष्म शंकर उर्फ कुशल तिवारी का प्रत्याशी बनाया है. सबसे अहम नाम आता है कि सुल्तानपुर के माफिया चंद्रभान सिंह उर्फ सोनू का, जिन्हें बीएसपी ने सुल्तानपुर से टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा है. पूर्वी उत्तर प्रदेश की भदोही लोकसभा सीट से दबंग पूर्व मंत्री रंगनाथ मिश्रा को बीएसपी ने उम्मीदवार बनाया है. यानी कुल मिलाकर मायावती ने अपने 16 प्रत्याशियों की लिस्ट में 4 बाहुबलियों को टिकट दिया है.बता दें कि उत्तर प्रदेश में हुए महागठबंधन के तहत BSP कुल 38 लोकसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी. बसपा सुप्रीमो मायावती ने इस बार खुद लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है. बताते चलें कि देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में सात चरणों में वोटिंग हो रही है. राज्य में पहले चरण में 8 सीटों पर 11 अप्रैल को वोटिंग हो चुकी है. अब यूपी में 18 अप्रैल, 23 अप्रैल, 29 अप्रैल, 6 मई, 12 मई और 19 मई को वोटिंग होगी. वहीं, 23 मई को वोटों की गिनती होगी.एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स  ।

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