Lok Sabha Election 2019: मैनपुरी में मुलायम सिंह यादव के लिए वोट मांगकर इतिहास बनाएंगी मायावती

संक्षेप:

  • बीएसपी चीफ मायावती (Mayawati) का एसपी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव(Mulayam Singh Yadav) के लिए चुनाव प्रचार करेंगी
  • 19 को मैनपुरी में एसपी-बीएसपी-आरएलडी की साझा रैली
  • उत्तर प्रदेश की राजनीति में यह एक बड़ा दिन होगा

मैनपुरी: राजनीति अनिश्चितताओं का खेल है. कभी एक-दूसरे के धुर विरोधी रहे एसपी-बीएसपी (SP-BSP Alliance) के बीच लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन ने कई लोगों को चौंकाया. अब सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात बीएसपी चीफ मायावती (Mayawati) का एसपी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव(Mulayam Singh Yadav) के लिए चुनाव प्रचार करने को हामी भरनी है. उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए यह एक बड़ा बदलाव होगा. कभी मायावती को फूटी आंख नहीं सुहाने वाले मुलायम मैनपुरी सीट (Mainpuri) से एसपी के उम्मीदवार हैं. यह सीट एसपी का गढ़ माना जाता है. पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ दोनों दल एकजुट हुए हैं. प्रदेश की राजनीति ने करवट बदली है और जब माया एसपी संरक्षक के लिए 19 अप्रैल को चुनाव प्रचार करेंगी तो यह राज्य की राजनीति के लिए बड़ा दिन होगा.

19 को मैनपुरी में एसपी-बीएसपी-आरएलडी की साझा रैली

एसपी (SP) के राष्ट्रीय सचिव राजेंद्र चौधरी ने शुक्रवार को बताया कि 19 अप्रैल को मैनपुरी में एसपी-बीएसपी-आरएलडी (SP-BSP-RLD Alliance) की साझा रैली होगी. गठबंधन होने के बाद तीनों पार्टियों के नेता 11 साझा रैलियां करेंगे. मायावती की यह रैली ऐसे समय पर हो रही है जब मुलायम सिंह ने एसपी-बीएसपी गठबंधन के सीटों के बंटवारे के बाद खुलेआम इस पर अपनी नाखुशी जताई थी. हालांकि माया की रैली एसपी-बीएसपी के बीच तल्खी खत्म होने की निशानी भी मानी जा रही है.

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मंच पर माया संग मुलायम भी

अब मंच पर मायावती के साथ मुलायम सिंह यादव भी मौजूद रहेंगे. बीएसपी के जोनल कोऑर्डिनेटर सुनील चितोर ने कहा कि कार्यक्रम को अंतिम रूप दे दिया गया है और इसे जिला इकाई को भेज दिया गया है. राजनीतिक विश्‍लेषकों का मानना है कि यह देखना बेहद मजेदार होगा कि बीएसपी सुप्रीमो मायावती (Mayawati)किस तरह से दो दशकों की कड़वाहट को भुलाकर मुलायम सिंह (Mulayam Singh Yadav)के पक्ष में वोट मांगेंगी.

रैली के जरिए वोटरों को दिया जाएगा संदेश

उन्‍होंने कहा कि चुनावी रैलियों को यादव और जाटव वोटों को एक साथ लाने के लिए एक हथियार के रूप में देखा जा रहा है जो एसपी और बीएसपी का कोर वोट बैंक है. दोनों ही पार्टियों के नेता मतदाताओं को यह संदेश देना चाहते हैं कि सभी गिले-शिकवे भुला दिए गए हैं. सूत्रों के मुताबिक मैनपुरी की रैली भी इसी कड़ी का हिस्सा है. यह रैली सिर्फ इसी सीट के लिए होगी.

मुलायम सिंह का सम्‍मान करें बीएसपी कार्यकर्ता

दोनों ही पार्टियों के नेता मतदाताओं को यही संदेश देना चाहते हैं कि सभी गिले-शिकवे भुला दिए गए हैं. इसीलिए मायावती और अखिलेश साझा रैलियां करने जा रहे हैं. मायावती ने बीएसपी काडर को निर्देश दिया है कि पूरे चुनाव प्रचार के दौरान वे मुलायम सिंह का सम्‍मान करें. उन्‍होंने बीएसपी के चुनाव प्रचार सामग्री को भी अपनी अनुमति दे दी है जिसमें कांशीराम और मुलायम सिंह यादव दोनों की तस्‍वीर लगी हुई है. मैनपुरी से सांसद और मुलायम सिंह के पौत्र तेज प्रताप सिंह यादव ने कहा कि इस रैली में नेताजी मौजूद रहेंगे.

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