"नवजात बच्चों की खास देख रेख ना हो पाना बन सकती है उनकी मृत्यु का कारण"

लखनऊ. राजधानी स्थित चिल्ड्रेन मेडिकल सेंटर में आज सेंटर की स्थापना की 10वीं वर्षगांठ मनाई गई।

इस मौके पर सेंटर के प्रबंध निदेशक डॉ आशुतोष वर्मा की अध्यक्षता में नवजात बच्चों में स्वस्थ पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

जिसमें पीजीआईं की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ प्याली भट्टाचार्य और डफरिन अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ सलमान ने शिरकत की।

संघोष्ठी में सेंटर में बच्चे पैदा करने वाली माओं खास तौर पर बुलाया गया था।

संघोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉ आशुतोष ने कहा कि आज के दौर में नवजात बच्चों की मृत्यु दर लगातार बढ़ रही है जिसका मुख्य कारण है नवजात बच्चों की खास देख रेख ना हो पाना।

उन्होंने कहा कि आज के समय मे ज्यादातर ये देखने को मिलता है कि बच्चे में पैदा होते ही माँ उसे ये कहते कि मेरे दूध नही उत्तर रहा है नवजात को बाहर का दूध देना शुरू कर देती है जो नवजात के स्वस्थ के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक होता है क्योंकि बाहर के दूध में बच्चे के विकास के आवश्यक तत्व नही मिलता।

इसलिए हर मा को चाहिए कि वो अपने नवजात बच्चें को वो अपना दूध पिलायें।

इसी बात को आगे बढ़ाते हुए पीजीआई की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ प्याली भट्टाचार्य ने ब्रेस्टफीडिंग पर जोर देते हुए माह कि आज के समय मे यूरोपियन सोच से प्रभावित होने के कारण ज्यादातर संभ्रांत परिवारों की पीढ़ी लिखी महिलाएं ब्रेस्टफीडिंग से दूर भागती है।

उन्हें लगता है कि ब्रेस्टफीडिंग से उनका फिगर खराब हो जायेगा जबकि वास्तविकता ये है कि ब्रेस्ट फीडिंग ना होना महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के होने का प्रमुख कारण हैं।

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