मतदान खत्म होते ही योगी सरकार ने ओमप्रकाश राजभर को किया बर्खास्त, राज्यपाल ने दी मंजूरी

संक्षेप:

  • लोकसभा चुनाव खत्म होते ही अब बीजेपी और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी का नाता आज पूरी तरह से ख़त्म हो जाएगा
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल राज्यपाल राम नाईक से सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर को मंत्री पद से बर्खास्त करने की सिफारिश की है
  • ऐसा माना जा रहा है कि राजभर का इस्तीफा सोमवार या मंगलवार तक मंजूर हो सकता है

लोकसभा चुनाव खत्म होते ही अब बीजेपी और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी का नाता आज पूरी तरह से ख़त्म हो जाएगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल राज्यपाल राम नाईक से सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर को मंत्री पद से बर्खास्त करने की सिफारिश की है. ऐसा माना जा रहा है कि राजभर का इस्तीफा सोमवार या मंगलवार तक मंजूर हो सकता है. बीजेपी और योगी सरकार ने राजभर से अलग होने का मन पूरी तरह से बना लिया है. राजभर पिछड़ा वर्ग कल्याण और दिव्यांग जन कल्याण मंत्री हैं.

इसके अलावा राजभर की पार्टी के अन्य सदस्य जो विभिन्न निगमों और परिषदों में अध्यक्ष व सदस्य हैं सभी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है. आपको बता दें कि राजभर ने पहले भी इस्तीफे की पेशकश की थी लेकिन मुख्यमंत्री ने उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किया था.

बीजेपी द्वारा आम चुनावों में `सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी` को उत्तर प्रदेश की एक भी सीट नहीं दिए जाने के बाद राजभर ने योगी सरकार से इस्तीफा दे दिया था. पार्टी ने इसके बाद 36 सीटों पर अपने उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा. सातवें चरण के चुनाव प्रचार के दौरान राजभर घोसी संसदीय क्षेत्र की एक सभा में तो वह भाजपा को गाली देते हुए नजर आए. इस मामले में उन पर मुकदमा भी दर्ज हुआ है. भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि अब तो हद हो गई.

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इससे पहले लोकसभा चुनाव 2019 में भारतीय जनता पार्टी से अलग हुए सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर चंदौली में बड़ा बयान दिया था. ओमप्रकाश राजभर ने कहा, "नून रोटी खाएंगे, बीजेपी को हराएंगे.

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